सिरसा में हो रही रामलीला में धनुष यज्ञ का मंचन करते कलाकार। संवाद
सिरसा कस्बे में चल रही रामलीला के तीसरे दिन धनुष यज्ञ का मंचन किया गया। भगवान श्री राम ने शिव धनुष तोड़कर सीता से स्वयंवर रचाया, जिससे मिथिला में जयकारे लगे। राजा जनक की प्रतिज्ञा थी कि शिव धनुष तोड़ने वाले से ही सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में कई राजा धनुष तोड़ने में असफल रहे। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से श्री राम ने सहजता से धनुष उठाया और उसे तोड़ दिया। शिव धनुष टूटने की सूचना पर भगवान परशुराम क्रोधित होकर सभा में पहुंचे। श्री राम और परशुराम के बीच हुआ संवाद दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। गौरतलब है कि यह रामलीला सन् 1882 से लगातार हो रही है।