थरवई में शादी समारोह से अगवा किसान लालमनि पटेल (32) की हत्या में कुल आठ लोग शामिल थे। इनमें से पिता-पुत्र समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। चार अन्य की तलाश की जा रही है। हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया है कि कार में अगवा किए जाने पर कुछ देर बाद ही गोली मारकर किसान की हत्या कर दी गई थी।
किसान का शव एक दिन पहले लालापुर के नगरवार गांव में यमुना घाट पर बालू से बरामद किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी विजय बहादुर पटेल, नामजद अभियुक्त अजय पटेल का साला अनिल पटेल, ससुर लालजी पटेल व जिपंस कमलेश पटेल शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना में सबसे पहले अनिल को हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने हकीकत बयां कर दीं। बताया कि किसान को 26 अप्रैल की रात अगवा करने के बाद ही कार में गोली मार दी गई थी। इस घटना में कुल आठ लोग शामिल थे, जिनमें से वारदात को अंजाम देने में चार लोग, जबकि हत्या की साजिश रचने में शेष चार लोग शामिल हैं। इनमें दोनों नामजद आरोपी अजय पटेल व दिलीप पटेल भी शामिल हैं। दोनों मृतक के दूर के रिश्तेदार भी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अनिल ने बताया कि इस हत्याकांड में उसके अलावा उसका पिता लालजी, कमलेश पटेल व विजय बहादुर पटेल भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने उन तीनों को भी हिरासत में ले लिया।
कई साल पुरानी जमीन की रंजिश बनी वजह
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनिल ने बताया कि हत्याकांड का सूत्रधार विजय बहादुर पटेल निवासी दयालपुर सोरांव है। उसका जमीन को लेकर परिवार के ही कुछ लोगों से कई सालों से विवाद चल रहा था। आरोप है कि लालमनि उसके विरोधियों की मदद व उनके मुकदमे की कोर्ट में पैरवी करता था। इस बात को लेकर वह उससे रंजिश रखता था। नामजद आरोपी अजय व दिलीप पटेल मृतक के परिवार के ही थे लेकिन वह विजय बहादुर की ओर थे। इसके साथ ही उनका भी होली पर मृतक से विवाद हुआ था। इसी रंजिश में विजय बहादुर ने अजय व दिलीप के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। अजय ने इसमें अपने साले अनिल व ससुर लालजी निवासी टिकुरी एयरपोर्ट के अलावा शिवपुर पड़िला के कमलेश पटेल को भी शामिल कर लिया।
प्रकरण में चार आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। नामजद आरोपियों के अलावा दो अन्य नाम भी प्रकाश में आए हैं। इन सभी की तलाश की जा रही है।
अभिषेक भारती, डीसीपी गंगानगर