सेंट जोसफ कॉलेज के 12वीं के छात्र अर्जुन पांडेय ने अपने भाषण से खूब सुर्खियां बटोरी हैं। वह नेहरू युवा केंद्र संगठन, युवा मामलों व खेल मंत्रालय की ओर से 28-29 मार्च को उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा संसद में प्रदेश से आए 240 युवाओं के बीच बोल रहे थे।
उन्होंने संविधान की यात्रा के बारे में कहा, यह दस्तावेज केशवानंद भारती केस में इसकी रक्षा के प्रयास से लेकर आपातकाल के दौर में प्रहार तक कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। संविधान की यात्रा सरल नहीं रही है। संविधान हमारा दर्पण है, इसमें हम अपने अतीत को देखते हैं। वर्तमान को समझते हैं। भविष्य को गढ़ते हैं।
उन्होंने भारत के संविधान को केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि 200 वर्षों की सतत साधना से निकला नवनीत बताया। कहा, संविधान मात्र डेढ़ लाख शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि यह महात्मा गांधी के हिंद स्वराज, भगत सिंह की क्रांति, डॉ. बीआर. आंबेडकर के सामाजिक न्याय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के संप्रभु भारत की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उनके विचारों ने न केवल वहां उपस्थित व्यक्तियों को प्रभावित किया, बल्कि यह भाषण सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।