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AQI In Prayagraj : प्रयागराज में हवा और खराब हुई, एक्यूआई 300 के पार पहुंचा

Mon, 15 Dec 2025 04:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, रविवार को प्रयागराज का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार पहुंच गया। यह इस साल में प्रदूषण का दूसरा सबसे खराब स्तर है। अगले तीन-चार दिनों तक लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
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प्रयागराज में एक्यूआई। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संगमनगरी के लोग इन दिनों प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं। मानकों के मुताबिक, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। प्रयागराज में रविवार को दिन में तीन बजे पीएम 10 का औसत स्तर 300 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 250 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रहा। जो खतरनाक श्रेणी में रहा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, रविवार को प्रयागराज का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार पहुंच गया। यह इस साल में प्रदूषण का दूसरा सबसे खराब स्तर है। अगले तीन-चार दिनों तक लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

सीपीसीबी के मुताबिक, रविवार को झूंसी में पीएम 2.5 का स्तर 300 रहा। इसी प्रकार पीएम 10 का स्तर 235 दर्ज किया गया। तेलियरगंज में एमएनएनआईटी और सिविल लाइंस में तकनीकी खराबी के कारण लाइव सेंसर मशीनों ने दिनभर काम ही नहीं किया। प्रयागराज के वायुमंडल पर धूल और धुएं की एक परत छाई हुई है। खासतौर पर सुबह और शाम के समय इसे स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है।

वायु प्रदूषण के सही आंकड़े जानने में हुई परेशानी

प्रयागराज के वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही एक बार फिर लोगों को तकनीकी खामियों का शिकार होना पड़ा। सीपीसीबी के लाइव सेंसर मशीनों के बंद होने से तेलियरगंज और सिविल लाइंस इलाके के प्रदूषण का डाटा अपडेट नहीं हुआ। लोगों को एक दिन पुराना डाटा ही दिखता रहा। इससे लोग प्रदूषण का वास्तविक स्तर जानने के लिए परेशान रहे।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रयागराज की ओर से झूंसी, सिविल लाइंस और तेलियरगंज में लाइव सेंसर मशीन लगवाई है। इन मशीनों की देखरेख का जिम्मा स्वॉन इनवारमेंटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है। कंपनी के सर्विस इंजीनियर शुभम सिंह ने बताया कि तकनीकी खामी के कारण रविवार को एमएनएनआईटी और नगर निगम कार्यालय पर लगी लाइव सेंसर मशीन काम नहीं कर रही थी। बढ़े हुए वायु प्रदूषण के लिए सर्विस इंजीनियर शुभम ने स्मॉग और जले रहे अलाव को कारण बताया।

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