प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश के नाम पर 400 करोड़ रुपये ठगी के मामले में पुलिस ने आरोपी अभिषेक व निहारिका के खिलाफ अदालत में वारंट जारी करने की अर्जी लगाई है। वारंट जारी होने के बाद दोनों को 15 दिनों के भीतर पुलिस के सामने पेश होना होगा। पेश नहीं होने की दशा में आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क किया जा सकता है।
दूसरी तरफ पुलिस को सूचना मिली कि अभिषेक और निहारिका बस्ती में हैं। निहारिका अपनी माैसी के घर पर अभिषेक के साथ रह रही हैं। लेकिन, पुलिस के दबिश देने से पहले दोनों फरार हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अबतक दोनों की करीब 14 संपत्तियों को चिह्नित किया गया है। इनमें गोविंदपुर में इनके अपने घर के अलावा अलकनंदा में तीन अपार्टमेंट, सिविल लाइंस के सरोजनी अपार्टमेंट में एक फ्लैट, सिविल लाइंस के साईं लैंडमार्क में एक ऑफिस, नैनी स्थित रुद्रा आकृति में तीन फ्लैट, झूंसी के पारस नारायण में दो फ्लैट, लखनऊ में यमुना विहार काॅलोनी में एक घर शामिल हैं। इसके अलावा मिर्जापुर में एक प्लाॅट और नोएडा के वेब अपार्टमेंट में एक फ्लैट है।
मकान की नहीं हो सकती खरीद-फरोख्त
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित निवेशक भी दोनों की तलाश में जुटे हुए हैं। निवेशन काैशल सिंह ने बताया कि सभी को डर है कि फरार निहारिका और अभिषेक बाहर से ही अपनी संपत्तियों काे बेंच सकते हैं। इस वजह से लखनऊ स्थित निहारिका के घर की दीवार पर लिख दिया है कि मकान की खरीद फरोख्त नहीं किया जा सकता है।
अबतक दो आरोपियों की गिरफ्तारी
बता दें कि शिवकुटी थाना पुलिस ने पांच जून 2024 को अभिषेक, निहारिका, निरुपमा, और ओमप्रकाश के खिलाफ ठगी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। घटना के कुछ ही दिन बाद पुलिस ने अभिषेक के पिता ओमप्रकाश और फिर निहारिका की मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।