सम्मेलन के दौरान अपना दल एस ने फूलपुर विधानसभा सीट पर अपना दावा भी ठोंका। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सोरांव के पूर्व विधायक जमुना प्रसाद सरोज और विधायक वाचस्पति ने फूलपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारने की मांग की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने निर्णय पर विचार करना चाहिए। क्योंकि फूलपुर में हमारे ही वोटर हैं जिनके दम पर भाजपा जीत हासिल करती है। ऐसे में समीक्षा करके पार्टी को अपना प्रत्याशी उतारना चाहिए।
बतादें कि लोकसभा चुनाव 2024 में भी अपना दल ने फूलपुर लोकसभा सीट अपने खाते में करने के लिए पूरा जोर लगाया था। नागेंद्र सिंह पटेल ने क्षेत्र में लंबे समय तक कई किलोमीटर पदयात्रा की थी। हालांकि, यह सीट भाजपा के खाते में ही रही। उसने यहां से प्रवीण पटेल को मैदान में उतारा और जीत हासिल की। हालांकि, यह जीत बेहद मामूली रही।
सियासी जानकारों का मानना है कि जब मंच पर अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल मौजूद हों, तब विधायकों की ओर से फूलपुर सीट पर दावा पार्टी की सोची समझी रणनीति के तहत ही किया गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा अपना दल एस के दबाव में आकर उसे अपनी सीट देती है? क्योंकि लोकसभा चुनाव में बहुमत से दूर रही भाजपा इस बार सहयोगियों पर निर्भर है।