भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज है मुकदमा
गोरखपुर विजिलेंस के निरीक्षक श्रीधराचार्य पांडेय ने तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी दिनेश कांत श्रीवास्तव, भूमि संरक्षण निरीक्षक अजय कुमार गौतम, तत्कालीन अवर अभियंता कैलाश राम यादव और महिला ग्राम प्रधान रामरजा के खिलाफ सरकारी धन के गबन, दुरुपयोग, कूट रचना, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी।
मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। याची ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। दलील दी कि याची सींचपाल के पद पर कार्यरत था। याची के पास कोई वित्तीय अधिकार नहीं था। वित्तीय अधिकारों का गलत प्रयोग करने के आरोपी उच्चाधिकारियों की अग्रिम जमानत मंजूर की जा चुकी है। याची की दलील पर कोर्ट ने याची की अर्जी मंजूर कर ली।