राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के कैडरों को हथियार, गोला-बारूद की आपूर्ति करने के मामले में जिन दो लाेगों को गिरफ्तार किया, वह यमुनानगर स्थित लालापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनमें से एक गांव का प्रधान है और दूसरा मजदूरी करता है। दोनों की गिरफ्तारी से गांव वाले भी स्तब्ध हैं।
एनआईए ने दो दिन पहले यह कार्रवाई की थी। 11 अक्तूबर को छत्तीसगढ़ से आई टीम लालापुर पहुंचकर जगदीशपुर गांव के प्रधान सुधीर त्रिपाठी उर्फ विराट (32) व इसी गांव के सूरज निषाद (30) को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई थी। इससे पहले उनका ट्रांजिट रिमांड भी बनवाया गया। दोनों को देर शाम लेकर टीम रवाना हो गई।
एनआईए की ओर से बताया गया है कि दोनों छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सीपीआई (एम) को लगातार हथियार व गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहे थे। सुधीर जगदीशपुर गांव का प्रधान है और उसके पिता कमलेश तिवारी शिक्षक हैं। उधर, सूरज पुत्र मिश्रीलाल मजदूरी करता है। गांव में यह भी चर्चा रही कि वह कुछ दिनों के लिए मुंबई भी गया था। हालांकि परिजन इससे इन्कार करते रहे।
दोनों से 30 जून को भी एनआईए ने पूछताछ की थी। तब जांच एजेंसी की एक टीम लालापुर पहुंची थी और फिर थाने में उनसे छह घंटे तक सवाल जवाब किए गए थे। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद से ही लगातार उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।
प्रधान का परिवार बाहर गया, मजदूर का परिवार सदमे में
गिरफ्तारी के बाद प्रधान का परिवार बाहर चला गया है। रविवार को उनके घर पर एक युवक ही मिला जिसने बताया कि घरवाले बाहर गए हैं। उधर सूरज के भाई रामअभिलाष ने बताया कि उसका भाई बालू निकालने का काम करता है। शुक्रवार दोपहर में करीब 10 लोग आए और उसके बारे में पूछने लगे। तब वह नदी में स्नान करने गया था। बताने पर चले गए और कुछ देर बाद जानकारी मिली कि उसे रास्ते से ही पकड़कर अपने साथ लेकर चले गए।
इससे पहले एक कागज थमाया, जिसके बारे में पता करने पर पता चला कि वह गिरफ्तारी मेमो है। भाई का कहना है कि सूरज को क्यों गिरफ्तार किया गया, इस बारे में भी कुछ नहीं बताया गया। यह भी बताया कि परिवार में उसकी दो बेटियों व एक बेटे के अलावा पत्नी है। उधर ग्रामीण भी दोनों की गिरफ्तारी से स्तब्ध हैं। इस बारे में ग्रामीण कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ।
मुंबई से आए थे दो लोग, प्रधान ने दिलाया था असलहा
रामअभिलाष ने यह भी बताया कि कुछ साल पहले सूरज के मुंबई में रहने वाले रिश्ते का साला राहुल मुंबई से दो लोगों को लेकर आया था। उसके कहने पर सूरज ने प्रधान के जरिए उन्हें असलहा दिलाया था।