दरअसल केबीसी में भिलाई की प्रतिभागी अंकिता सिंह से मीराबाई को लेकर एक सवाल पूछा गया था। इस पर अंकिता ने लाइफ लाइन का प्रयोग करते हुए जौनपुर में रहने वाले अपने मौसा को फोन करने को कहा। फोन मिला तो अंकिता के मौसा ने अमिताभ बच्चन से हाथ जोड़कर आग्रह किया कि बाबू पट्टी, जो बिग बी का गांव है, वहां रहने वाले लोग चाहते हैं कि अमिताभ बच्चन अपने परिवार के सदस्यों के साथ गांव आएं। अमिताभ ने उन्हें निराश नहीं किया। कहा कि वह बहुत जल्द बाबू पट्टी आएंगे।
इसके पूर्व केबीसी के इसी सीजन में अमिताभ बच्चन ने प्रयागराज को भी याद किया था। तब उन्होंने बताया था कि जब प्रयागराज के चौक में वर्ष 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था, उस समय वह अपनी मां तेजी बच्चन की कोख में थे। उस दौरान मां तेजी बच्चन भी आंदोलनकारियों के समर्थन में चौक पहुंच गई थी।
जब वह घर लौटीं तो पिता हरिवंश राय के कुछ साहित्यकार मित्रों ने कहा अगर आपके बेटा हुआ तो उसका नाम इंकलाब रखना, क्योंकि उस आंदोलन में इंकलाब जिंदाबाद के नारे लग रहे थे। पैदा होने के बाद भी मुझे इंकलाब पुकारा भी गया, लेकिन बाद में कवि सुमित्रानंदन पंत के कहने पर मेरा नाम अमिताभ रखा गया।