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Prayagraj News: केपी ट्रस्ट चुनाव में गहमागहमी के बीच पड़े 9563 वोट, मतगणना आज

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एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला के चुनाव में सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले गए। 32 बूथों पर शाम पांच बजे तक 9563 मत पड़े। इसी के साथ अध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों के 21 पदों पर 64 प्रत्याशियों के भाग्य मतपेटियों में बंद हो गए। मंगलवार को परिणाम घोषित किया जाएगा।
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केपी ट्रस्ट के प्रतिष्ठापरक चुनाव के लिए कायस्थ पाठशाला इंटर कॉलेज परिसर में बने मतदान केंद्र पर सुबह आठ बजे वोटिंग शुरू हुई। 32 बूथों पर 10 बजे के बाद भीड़ नजर आने लगी। प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं को क्रमांक बताने के लिए मतदान केंद्र के बाहर जगह-जगह खड़े रहे। हर बूथ पर प्रत्याशियों के एजेंट एक-एक मतदाता की शिनाख्त करने के साथ ही कड़ी नजर बनाए रहे।
दोपहर दो बजे तक 6200 वोट डाले गए थे। दिन ढलने के साथ ही मतदाताओं को कारों से केंद्र तक पहुंचाने की होड़ मची रही। शाम चार बजे तक जहां नौ हजार मत पड़े थे, वहीं शाम पांच बजे यह आंकड़ा बढ़कर 9563 पर पहुंच गया। प्रत्याशियों और एजेंटों की मौजूदगी में मतपेटियों को सील करवाकर चुनाव अधिकारी पीके सक्सेना ने केपी कॉलेज परिसर में बने स्ट्रांग रूम में रखवा दिया।
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पांच साल के लिए होने वाले केपी ट्रस्ट के इस चुनाव में विवाद की आशंका को देखते हुए एक हजार से अधिक पुलिस,पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात किए गए थे। कुल 35 हजार मतदाताओं को इसमें मताधिकार का प्रयोग करना था, लेकिन शाम तक 27.03 फीसदी मत डाले जा सके।

सीलबंद 32 मतपेटियां स्ट्रांंग रूम में रखवाई गईं
मतदान के बाद शाम 6:30 बजे 32 मतपेटियां सीलबंद कराने के बाद स्ट्रांग रूम में रखवा दी गईं। इस दौरान प्रत्याशी और उनके एजेंट वहां मौजूद रहे। चुनाव अधिकारी बनाए गए रिटायर्ड आईपीएस अफसर पीके सक्सेना ने एक-एक मतपेटियों को अपनी मौजूदगी में सील कराया। इस दौरान रिकॉर्डिंग भी कराई गई।
राघवेंद्र नाथ और सुशील सिन्हा के बीच कांटे की टक्कर
केपी ट्रस्ट के चुनाव में अध्यक्ष पद पर चार उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला दो प्रत्याशियों के ही बीच माना जा रहा है। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे डॉ.सुशील कुमार सिन्हा पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र नाथ सिंह को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। ऐसे में कहीं किला बचाने की लड़ाई दिखी तो कहीं किला ढहाने के लिए दिनभर जोर आजमाइश होती रही। अध्यक्ष पद पर दो अन्य प्रत्याशियों में रतन श्रीवास्तव और प्रवीण श्रीवास्तव के मतदान केंद्र के आसपास पोस्टर-बैनर तक नहीं दिखे।
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