अधिकार सेना के संयोजक अमिताभ ठाकुर
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तीन महीने पहले आगमन के दौरान पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर लिखाए गए केस में अंतिम रिपोर्ट लग गई है। बिना अनुमति के परिसर में जबरदस्ती घुसने का प्रयास, छात्रों को धरना-प्रदर्शन व अशांति के लिए उकसाने सहित उन पर लगाए गए तमाम आरोप पुलिस को विवेचना में सही नहीं मिले हैं।
इविवि के कुलानुशासक डॉ.राकेश सिंह की ओर से 21 जुलाई को कर्नलगंज थाने में पूर्व आईपीएस पर मुकदमा लिखवाया गया था। वह 19 जुलाई को छात्रों के समर्थन में इविवि आए थे। इसके दो दिन बाद उन पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विवेचना में पाया गया कि पूर्व आईपीएस ने छात्रसंघ भवन के सामने शांतिपूर्ण तरीके से छात्रों के हितों में अपनी बात रखी।
उन्होंने किसी प्रकार से शांतिभंग व माहौल खराब करने की कोशिश नहीं की। पूर्व आईपीएस ने विवि के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन, विरोध व नारेबाजी भी नहीं की। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पुलिस की ओर से मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है। पूर्व आईपीएस की पत्नी नूतन ठाकुर ने बताया कि अमिताभ ठाकुर पर लगाए गए आरोप गलत पाए गए हैं।