0 एक वित्तीय वर्ष में 439 रूट किमी का हुआ विद्युतीकरण
प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के खातेे में एक विशेष उपलब्धि दर्ज हो गई है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में यहां 439 रूट किलोमीटर रेलखंड का विद्युतीकरण किया गया।
एनसीआर गठन के बाद यह अब तक का सर्वाधिक विद्युतीकरण है। इस दौरान जोेन के छह नए
रेलखंड में पूर्ण रूप से विद्युतीकरण हुआ। इस उपलब्धि पर जोन के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने
अफसरों और कर्मचारियों को बधाई दी है।
खास बात यह रही कि एनसीआर में हुआ अधिकांश विद्युतीकरण का कार्य प्रयागराज स्थित
केंदीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) के माध्यम से हुआ। बता दें कि एनसीआर में कुल ब्रॉड गेज
नेटवर्क की लंबाई 3222 रूट किमी है। इसमें से अब 3146 किमी के विद्युतीकरण का कार्य हो
चुका है। अब यहां 76 किमी का ही काम रह गया है। इस तरह से अब तक एनसीआर के 98
फीसदी मार्ग अब पूर्ण रूप से विद्युतीकरण हो चुका है। बीते वित्तीय वर्ष में विद्युतीकरण
होने से 42 जोड़ी ट्रेन डीजल से इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन में परिवर्तित हुई। अब एटा-बरहन खंड को
सीआरएस मंजूरी मिलने के बाद तीन जोड़ी और ट्रेनों को इलेक्ट्रिक टैक्शन में परिवर्तित कर
दिया जाएगा। एनसीआर के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर सतीश कोठारी ने बताया कि प्रमुख
मार्गों के विद्युतीकरण के अलावा सभी नए डबलिंग एवं थर्ड लाइनों को भी विद्युतीकरण के
साथ-साथ यातायात के लिए खोला जा रहा है।
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पिछले वित्तीय वर्ष में इन रेलमार्ग का हुआ विद्युतीकरण
0 प्रयागराज मंडल के मैनपुरी-शिकोहाबाद (51 रूट किमी)
0 प्रयागराज मंडल के इटावा-मैनपुरी के साथ मैनपुरी-फर्रुखाबाद, (107 रूट किमी)
0 प्रयागराज मंडल के बरहन-एटा (59 रूट किमी)
0 झांसी मंडल के महोबा-खजुराहो (64 रूट किमी)
0 झांसी मंडल के खजुराहो-ईशानगर (57 रूट किमी)
0 झांसी मंडल के बिरलानगर-उदीमोड़ (101 रूट किमी)