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विश्विद्यालय के हॉस्टल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में झुलसे विधि छात्र की मौत

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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शताब्दी बॉयज हॉस्टल में शार्ट सर्किट से लगी आग में झुलसे विधि छात्र अभिषेक सिंह की मंगलवार को मौत हो गई। अभिषेक का इलाज लखनऊ में चल रहा था। शताब्दी बॉयज हॉस्टल में जगह-जगह बिजली के तार क्षतिग्रस्त हालत में हैं। छात्रों ने हॉस्टल प्रशासन से इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। मूलत: कौशांबी जिले के अजुहा स्थित मलाका टांडा गांव निवासी अभिषेक सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी अंतिम सेमेस्टर का छात्र था। वह शताब्दी बॉयज हॉस्टल के कमरा नंबर 85 में रहता था। आठ मार्च की रात वह माइग्रेन की दवा खाकर हॉस्टल में अपने कमरे में सो रहा था, तभी शॉर्ट सर्किट से उसके कमरे में आग लग गई। कमरे से धुआं निकलता देख अन्य छात्रों ने अभिषेक के कमरे का दरवाजा पीटना शुरू किया तो गहरी नींद में सो रहे अभिषेक की अंदर से चिल्लाने की आवाज आई। छात्रों ने किसी तरह दरवाजा खोला तो अभिषेक बदहवास हालत में कमरे से बाहर निकला और लड़खड़ाते हुए हॉस्टल के लॉन में आकर गिर पड़ा। छात्र उसे लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर बताते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। उसे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार भोर में उसने अंतिम सांस ली। अभिषेक के इलाज के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर संगीता श्रीवास्तव ने विवेकाधीन कोष से 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी दी थी। अभिषेक की मौत से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं स्तब्ध हैं। मंगलवार को विधि संकाय में शोक सभा की गई। वहीं, हॉस्टल के छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में कई जगह बिजली के तार क्षतिग्रस्त हालत में हैं। आए दिन यहां शॉर्ट सर्किट होता रहता है। अभिषेक के साथ हुई घटना के दो दिन बाद ही शॉर्ट सर्किट से एक छात्र के लैपटॉप का चार्जर जल गया। हॉस्टल के पीछे अधीक्षक आवास भी बना हुआ है, लेकिन वह खाली पड़ा है। छात्रों का कहना है कि देर रात अगर कोई समस्या होती है तो अधीक्षक मौजूद नहीं रहते हैं।
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