प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की परीक्षाएं अप्रैल में ऑफलाइन मोड में होंगी। छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। छात्र चाहते हैं कि परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में ही कराई जाएं, क्योंकि इससे पूर्व ऑनलाइन मोड में ही कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था।
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने पाठ्यक्रम में 30 फ़ीसदी कटौती का भी निर्णय लिया है, ताकि ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन समय से पूरा किया जा सके और परीक्षाएं सुचारू रूप से आयोजित की जा सकें। वहीं, कुछ छात्रों का कहना है कि जब ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन लंबे समय से किया जा रहा था और विश्वविद्यालय प्रशासन दावा कर रहा था कि पाठ्यक्रम समय से पूरा करा लिया जाएगा तो इन परिस्थितियों किस आधार पर पाठ्यक्रम में कटौती की गई। छात्र अब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर किए गए दावों पर ही सवाल उठा रहे हैं। विश्वविद्यालय में 14 फरवरी से स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। छात्रों का कहना है कि सत्र की शुरुआत से ही ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही थी और जब सत्र पूरा होने वाला है तब 14 फरवरी से ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू होने जा रहा है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने पाठ्यक्रम का 75 फ़ीसदी हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से ही पड़ा है तो परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में ही होनी चाहिए।