एजी ऑफिस के अफसरों और कर्मचारियों की ओर से आयोजित होने वाले पुलिया पार्लियामेंट को एक बार फिर विस्तार देने की तैयारी की गई है। एजी ऑफिस गेट पर शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में रणनीति बनाने के साथ इस परंपरा के इतिहास पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में कर्मचारी नेता मनोज श्रीवास्तव को विदाई भी दी गई।
देश का संविधान लागू होने के बाद एजी ऑफिस के कर्मचारियों ने भी 26 जनवरी 1950 को पुलिया पार्लियामेंट की शुरुआत की थी। इसमें प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री समेत अन्य लोगों की नियुक्ति की जाती थी। इसकी अहमियत को इससे ही समझा जा सकता है कि सलीम शेरवानी समेत अन्य नेताओं ने संसद में इस परंपरा का जिक्र किया है तो धर्मयुग जैसे पत्रिका में इस पर लेख छप चुका है लेकिन एजी ऑफिस में कर्मचारी यूनियन के कमजोर होने के साथ यह आयोजन भी सिमटता गया।
हालांकि, समय-समय पर आयोजन होते रहे, जिसे अब एक बार फिर विस्तार देने की रणनीति बनाई गई है। इसी क्रम में एजी ऑफिस गेट पर शनिवार को आयोजन हुआ और वक्ताओं ने इसके इतिहास और जरूरत पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कार्यक्रम के अध्यक्ष केएस दुबे, कृपाशंकर श्रीवास्तव, सुरेेंद्र राही, पंकज श्रीवास्तव, सुधीश चंद्र आदि शामिल रहे।