फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरक्षण मानकों को पूरा किए बिना 69000 शिक्षक भर्ती का होगा विरोध

विज्ञापन
विज्ञापन
आरक्षण मानकों को पूरा किए बिना 69000 शिक्षक भर्ती का होगा विरोध - राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बाद भी सरकार भर्तीकी जल्दबाजी में प्रयागराज। परिषदीय विद्यालयों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती को मनमाने तरीके से सरकार की ओर से भरे जाने की कोशिश के खिलाफ भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे अभ्यर्थियों ने नाराजगी व्यक्त की है। इन अभ्यर्थियों ने सरकार की कोशिश के खिलाफ बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय के साथ प्रदेश के स्कूल महानिदेशक बेसिक शिक्षा के सामने विरोध की चेतावनी दी है। सरकार आरक्षण के मानकों को पूरा किए बिना भर्ती करने पर अमादा है। सरकार की ओर से अलग से 31661 पदों पर भर्ती करने के लिए शासनदेश करने को अभ्यर्थियों ने मनमानी कार्रवाई बताया है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रोक और सुप्रीम कोर्ट का इस भर्ती को लेकर आर्डर रिजर्व होने के बाद भी सरकार जल्दबाजी में है। भर्ती मेें आरक्षण एवं एमआरसी को लेकर हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बाद भी सरकार आंदोलनकारियों के दबाव में आकर भर्ती करने पर अमादा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से 69000 शिक्षक भर्ती के लिए पूर्व में तैयार जिला आवंटन सूची आरक्षण एवं एमआरसी नियमों के खिलाफ है। ओबीसी और एससी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने 69000 शिक्षक भर्ती पर रोक लगा रखी है। 24 सितंबर को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में सरकार कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाई और एक अक्तूबर को अगली सुनवाई है तो सरकार इतनी जल्दबाजी में क्यों है। भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69000 शिक्षक भर्ती की शैक्षिक वर्ग  वार गुणांक सहित मूल चयन सूची भी नहीं बनाई गई। उनका कहना है कि सरकार की ओर से जिला आवंटन सूची बनाई है वह गलत है। जिला आवंटन सूची बाद में बनाई जाती है पहले इस भर्ती की शैक्षिक वर्ग बार गुणांक सहित मूल चयन सूची बनाई जाती है जो सरकार ने अभी तक नहीं बनाई है। सरकार की ओर से इसे पिछड़ा वर्ग आयोग को उपलब्ध नहीं कराई गई है। सरकार जिला आवंटन सूची पर ही  31661 पदों पर भर्ती करने जा रही है और उसका शासनादेश निकाल चुकी है जो पूरी तरह से गलत है और नियमों के खिलाफ है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार के अधिकारी आयोग के सामने किसी प्रश्र का जवाब नहीं दे पाए। अधिकारी नहीं बता सके कि भर्ती प्रदेश स्तर की है अथवा जिला स्तर की। सरकार की ओर से इस बारे में कोर्ट में पहले ही कहा गया है कि भर्ती प्रदेश स्तर की है। कोर्ट में अगली सुनवाई की तिथि एक अक्तूबर को है तो बेसिक शिक्षा विभाग भर्ती कैसे कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें