प्रयागराज। सरकार का राजस्व बढ़ाने के लिए वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) टीम अब प्रयागराज के कारोबारियों की जांच उनके वार्षिक टर्न ओवर के आधार पर करेगी। एसआईबी की प्रत्येक शाखा हर माह दस जांच करेगी। इसमें पांच कारोबारी ऐसे रहेंगे जिनका वार्षिक टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा को होगा। विभाग की ओर से इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के अफसरों को उचित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग के इस नए आदेश पर व्यापारिक संगठनों ने अपनी नाराजगी जताई है।
वाणिज्य कर आयुक्त अमृता सोनी पत्र के माध्यम से कारोबारियों की जांच, डाटा माइनिंग, तलाशी के लिए नए आदेश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि एसआईबी टीम हर माह कम से कम दस कारोबारियों की जांच करें। जांच के लिए कई बिंदुओं के आधार पर कारोबारी चुने जाएंगे। जांच में कारोबारियों का वार्षिक टर्नओवर तो शामिल होगा ही साथ ही अगर किसी कारोबारी के मासिक कारोबार में अप्रत्याशित वृद्धि या गिरावट तो उसे भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन डीएस तिवारी ने बताय कि उन कारोबारियों को भी शामिल किया जाएगा जो अपने टैक्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) से समायोजित कर देते हैं या बहुत कम नकद टैक्स जमा करते हैं। साथ ही जिन कारोबारियों के खिलाफ लगातार कर अपवंचना की सूचना मिल रही है, उनकी भी जांच एसआईबी टीम द्वारा की जाएगी। इसके अलावा संयुक्त आयुक्त को अपने स्तर से केस बनाते हुए तीन माह में एक और एडीशनल कमिश्नर को छह माह में एक महत्वपूर्ण तलाशी करनी है।
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नए नियम का प्रदेश भर में व्यापारी करेंगे विरोध
0 वाणिज्य कर विभाग द्वारा कारोबारियों की एसआईबी जांच करवाए जाने का व्यापारिक संगठनों ने विरोध किया है। कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र गोयल ने कहा कि कोरोना काल में ऐसी कार्रवाई का प्रदेश भर में विरोध किया जाएगा। उधर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रमेश केसरवानी ने मांग की है कि आयुक्त वाणिज्य कर विभाग यह आदेश वापस लें। इससे व्यापारियों का उत्पीडऩ होगा और बाजारों में दहशत का माहौल बनेगा। 00000000000000000000000000
वार्षिक टर्न ओवर के आधार पर इस तरह से होगा चयन
व्यापारियों की संख्या - वार्षिक कर योग्य टर्नओवर
पांच - दस करोड़ रुपये से अधिक
तीन - पांच करोड़ से दस करोड़
एक - डेढ़ करोड़ से पांच करोड़
एक - डेढ़ करोड़ से नीचे