अब बिना फास्टैग के सड़कों पर नहीं चल सकेंगे वाहन
क्रासर
तीन साल पुराने वाहनों के लिए फास्टैग होगा अनिवार्य, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के
लिए पहल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। पुराने वाहनों केलिए अब फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। खासतौर से वर्ष
2017 से पहले खरीदे गए वाहन बिना फास्टैग के सड़कों पर नहीं चल सकेंगे। इसके अलावा इस
अवधि के बाद के वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए भी फास्टैग लेना अनिवार्य होगा। हाल में
केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इस
प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। इसके लिए ड्राफ्ट किए गए नोटिफिकेशन को जल्द ही जारी
किए जाने के संकेत मिले हैं।
सरकार ने पथकर के डिजिटल व आईटी आधारित भुगतान को बढ़ावा देने के लिए एक दिसंबर
2017 से पहले बेचे गये पुराने वाहनों के लिये फास्टैग अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है। इस
प्रस्ताव को हाल में ही अफसरों के साथ हई बैठक में चर्चा के बाद मंजूर कर लिया गया है।
लेकिन अंतिम रूप से नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है। इस बात की जानकारी एनएचएआई के
अफसरों ने दी। फिलहाल तीन साल पुराने वाहनों पर फास्टैग की अनिवार्यता के लिए मंत्रालय
की हरी झंडी के बाद एनएचएआई के अफसर अब इसके क्रियान्वयन की तैयारी में जुट गए हैं।
फिलहाल इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। कहा जा रहा है कि नोटिफिकेशन के बाद एक
जनवरी- 2021 से पुराने वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य हो जाएगा। अफसरों का कहना है
कि कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए फास्टैग को अब आधार की तर्ज पर जिंदगी का अहम
हिस्सा बनाने की तैयारी है। नया थर्ड पार्टी बीमा पाने के लिए भी वैध फास्टैग को
अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए सर्टिफिकेट ऑफ इंश्योरेंस में संशोधन
किया जाएगा। इससे पहले ट्रांसपोर्ट वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के लिए
फास्टैग अनिवार्य किया जा चुका है। इसके अलावा नेशनल परमिट वाले वाहनों के लिए भी
फास्टैग अक्तूबर- 2019 से ही अनिवार्य है।
कोट
दिसंबर -2017 से पहले के वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य किया जा रहा है। इसके लिए
तैयारी शुरू करा दी गई है। वाहन स्वामियों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ
ही परिवहन कार्यालय के अलावा सभी टोल प्लाजा और बैंकों के काउंटर से भी फास्टैग दिए
जाएंगे, ताकि इसे पूरी तरह अमल में लाया जा सके। एके राय, परियोजना निदेशक-एनएचएआई।