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इविवि ने बदली आंतरिक मूल्यांकन प्रणाली

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इविवि ने बदली आंतरिक मूल्यांकन प्रणाली 0 सेमेस्टर परीक्षा में केवल एक आंतरिक मूल्यांकन ही काफी 0 समय से परीक्षा कराने के लिए अस्थायी तौर पर हुआ बदलाव प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की परीक्षा समिति ने 15 या 16 जुलाई से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू कराने का निर्णय लिया है। परीक्षाएं समय से शुरू कराई जा सकें, इसके लिए परीक्षा समिति ने आंतरिक मूल्यांकन प्रणाली में एक अहम बदलाव किया है। अब केवल एक आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर ही रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था लॉक डाउन को ध्यान में रखते हुए अस्थायी तौर पर लागू की गई है। आम तौर पर सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए तीन आंतरिक मूल्यांकन होते हैं, जिन्हें टेस्ट-वन, टेस्ट-टू और मिड सेमेस्टर कहा जाता है। छात्र-छात्राओं के सामने विकल्प होता है कि टेस्ट-वन या टेस्ट-टू में किसी एक को चुनें या फिर वे दोनों ही टेस्ट में शामिल हो सकते हैं। वहीं, मिड सेमेस्टर के आंतरिक मूल्यांकन में सभी विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से शामिल होना पड़ता है। टेस्ट-वन, टेस्ट-टू और मिड सेमेस्टर 20-20 अंकों के होते हैं। आंतरिक मूल्यांकन 40 और परीक्षा 60 अंकों की होती है। अगर कोई विद्यार्थी टेस्ट-वन और टेस्ट-टू दोनों में शामिल हुआ है तो जिसमें उसके अंक बेहतर होते हैं, आंतरिक मूल्यांकन में उन्हीं अंकों को शामिल कर लिया जाता है। साथ ही मिड सेमेस्टर के आंतरिक मूल्यांकन के अंक उसके साथ जोड़ दिए जाते हैं। लॉक डाउन से पहले विश्वविद्यालय में सभी विभागों में टेस्ट-वन के तहत आंतरिक मूल्यांकन का कार्य पूरा कराया जा चुका था। ऐसे में विद्यार्थियों को अब आंतरिक मूल्यांकन के लिए किसी टेस्ट में शामिल नहीं होना है। कुछ विभाग ऐसे भी हैं, जहां टेस्ट-वन और मिड सेमेस्टर, दोनों के तहत आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। ऐसे विभागों के विद्यार्थियों के टेस्ट-वन और मिड सेमेस्टर के आंतरिक मूल्यांकन के अंक जोड़े जाएंगे। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि यह व्यवस्था मौजूदा परिस्थतियों को ध्यान में रखते हुए अस्थायी तौर पर लागू की गई है। सेमेस्टर परीक्षाओं के तहत केवल एक बार ही आंतरिक मूल्यांकन होगा, ताकि लॉक डाउन के बाद विश्वविद्यालय खुलते ही सेमेस्टर परीक्षाओं का संचालन शुरू कराया जा सके।
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