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निलंबन वापस नहीं तो सोमवार से नहीं चलने देंगे विवि

Fri, 11 Mar 2016 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद ‌‌व‌िश्वव‌िद्यालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रो. बीएन सिंह को प्रवेश समिति का निदेशक बनाए जाने का विरोध कम नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार को विरोध करने पर विवि की ओर से निलंबित किए गए छात्रों ने सनत कुमार मिश्र के नेतृत्व में कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन के साथ चेतावनी दी है कि निलंबन वापस नहीं लिए जाने पर छात्र सोमवार से विवि चलने नहीं देंगे। छात्रों ने कुलपति से प्रो. बीएन सिंह से उनकेपूर्व के प्रवेश समिति के निदेशक के कार्यकाल के दौरान खर्च हुए विवादित 1.74 करोड़ रुपये का हिसाब मांगा है।
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इविवि से निलंबित किए गए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों सनत कुमार मिश्र एवं अन्य का कहना है कि कुलपति अपने तानाशाही पूर्ण रवैये के बल पर छात्रों का दमन कर रहे हैं। इन छात्रों का कहना था कि वह कुलपति के गलत फैसले का विरोध करते रहेंगे। कुलपति मनमाने तरीके से अपने कार्यालय में विवादित लोगों की नियुक्ति कर रहे हैं। प्रॉक्टर की ओर से एफआईआर दर्ज करवाए जाने के बाद भी सभी आरोपी छात्र विवि परिसर में दिनभर घूमते रहे। कुलपति कार्यालय पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए वहां बड़ी संख्या में पुलिस लगाई गई। विरोध करने वालों में सूर्य कुमार मिश्र, ज्ञानेंद्र सिंह, बंटी, कमलेश शर्मा, अविनाश सिंह सहित कई छात्र शामिल रहे।

प्रो. बीएन सिंह को प्रवेश समिति का निदेशक नियुक्त किए जाने पर कुलपति के फैसले के विरोध में राष्ट्रीय छात्र संगठन से जुड़े छात्रों ने कुलपति कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि प्रो. बीएन सिंह का निदेशक प्रवेश समिति के साथ छात्रसंघ चुनाव में भी भूमिका संदिग्ध रही है। इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से विवि के कई शिक्षकों को नोटिस जारी की गई थी। प्रदर्शन करने वालों में एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव विवेकानंद पाठक, गौरव पांडेय, अब्दुल कादिर, हिमांशु पांडेय सहित कई छात्र शामिल रहे।
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प्रवेश समिति के निदेशक के पद से प्रो. जगदंबा सिंह के इस्तीफा देने के बाद कुलपति ने प्रो. बीएन सिंह को प्रवेश समिति का निदेशक बनाए जाने के बाद शुरू हुए विवाद के बाद प्रो. जगदंबा सिंह ने अपना पक्ष अमर उजाला के साथ रखा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने बताया कि कुलपति से उन्होंने सातवीं बार आग्रह किया कि उन्हें पदमुक्त किया जाए, इसके बाद उन्हें छोड़ा गया।

इविवि की ओर से कार्रवाई के बाद 16 छात्रों के निलंबन एवं एफआईआर के संबंध में जारी नोटिस पर छात्रों ने सवाल  उठाया है। छात्रों का कहना है कि विवि की ओर से जारी नोटिस में प्रॉक्टर-डीएसडब्ल्यू का हस्ताक्षर नहीं है। ऐसे में विवि की ओर से की गई कार्रवाई वैध नहीं है।

इविवि के कुलपति की ओर से बृहस्पतिवार को प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितता के खिलाफ रिटायर्ड आईएएस श्रीराम यादव की अध्यक्षता में गठित कमेटी पर छात्रों ने सवाल खड़ा कर दिया है। छात्रों का कहना है कि कुलपति ने प्रो. बीएन सिंह पर लगे आरोपों सहित अन्य की जांच के लिए जो कमेटी बनाई है, वह सवालों के घेरे में है। जांच कमेटी के अध्यक्ष श्रीराम यादव का पुत्र प्रो. बीएन सिंह के निर्देशन में शोध कर रहा है। छात्रों का यह भी कहना है कि श्रीराम यादव एवं प्रो. बीएन सिंह एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। छात्रों ने इस कमेटी का विरोध करने का ऐलान किया है। इस कमेटी में श्रीराम यादव के अतिरिक्त अशोक कुमार दुबे, राम आधार, डॉ. टीबी सिंह, के लाल शामिल हैं।
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