फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी- विपरीत लिंग के साथ मुक्त संबंध के लालच में देश का युवा कर रहा जीवन बर्बाद

Mon, 24 Jul 2023 11:11 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने कहा कि देश के युवा सोशल मीडिया, फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और दिखाई जा रही वेब सीरीज के प्रभाव में अपने जीवन के बारे में सही निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। सही साथी की तलाश में वे अक्सर गलत व्यक्ति की संगति में पहुंच जाते हैं।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संचार माध्यमों के कारण सामाजिक बदलावों पर एक अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि देश का युवा पश्चिमी संस्कृति का अनुकरण करते हुए अपने विपरीत लिंगी के साथ मुक्त संबंधों को तवज्जों दे रहा है। इस लालच में वह अपना जीवन बर्बाद कर रहा है। ऐसे में उसे कोई वास्तविक जीवनसाथी नहीं मिल पाता है।

विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि देश के युवा सोशल मीडिया, फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और दिखाई जा रही वेब सीरीज के प्रभाव में अपने जीवन के बारे में सही निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। सही साथी की तलाश में वे अक्सर गलत व्यक्ति की संगति में पहुंच जाते हैं। कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया, फिल्में आदि दिखाती हैं कि जीवन साथी के साथ बेवफाई सामान्य है। इस कारण कई युवा प्रयोग करना शुरू कर देते हैं।

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने एक लड़की को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी जय गोविंद उर्फ रामजी यादव की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए की है। कोर्ट ने कहा कि इस स्थिति के कारण शादी का झूठा वादा करके बलात्कार का अपराध करना, आत्महत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध करना जैसे मामले अदालत में बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

मामले में याची और पीड़िता के बीच प्रेम संबंध था। याची और सह अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर उसका अपहरण कर लिया। नशीला पदार्थ खिलाकर बलात्कार किया। वीडियो बना लिया। इससे वह अवसाद में चली गई। नौ जून 2022 को उसका फिर से अपहरण कर लिया गया और उसे बाजार में छोड़ दिया गया। इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां, 10 जून 2022 को उसकी मृत्यु हो गई।
विज्ञापन

याची और सहअभियुक्तों के खिलाफ झांसी के नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 306, 504 और 506 के तहत आरोप पत्र दाखिल हुआ। याची की ओर से कहा गया कि दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन मृतक के परिवार के सदस्य उनके रास्ते में आ गए। कोर्ट ने कहा कि याची के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए आवश्यक तथ्य नहीं हैं। लिहाजा, जमानत मंजूर की जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें