इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला जज सुनीता अग्रवाल के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। जो वर्तमान में गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश हैं।
अधिवक्ता अरुण मिश्रा ने सुनीता अग्रवाल के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति अग्रवाल ने उनके मामलों में कुछ आदेश पक्षपातपूर्ण तरीके से पारित किए थे। जिसका उद्देश्य उन्हें परेशान करना और नुकसान पहुंचाना था।
न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और सुरेन्द्र सिंह की दो न्यायाधीशों वाली पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिका पूरी तरह से गलत, तुच्छ, गैरजिम्मेदार और बिना योग्यता वाली है। हमें यह मानने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि वर्तमान आपराधिक अवमानना आवेदन न केवल तुच्छ है, बल्कि परेशान करने वाला भी है। यह याचिका विचार के योग्य नहीं है।