लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के क्रम में शनिवार को बड़ा कदम उठाया गया। एडिशनल सीपी एन कोलांची यूपी-एमपी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था जांचने खुद तीन थाना क्षेत्रों में पहुंचे। शंकरगढ़, काेरांव व खीरी में सीमा पर स्थित गांवों में पहुंचकर उन्होंने सुबह से शाम तक घंटाें सघन निरीक्षण किया। मातहतों से बात की और ग्रामीणों से भी इनपुट लिया।
लोकसभा चुनाव निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराए जाने को लेकर जनपद की सीमाओं पर नाकेबंदी आचार संहिता लगने के साथ ही कर दी गई थी। इसके तहत कुल 71 स्थानों पर नाकेबंदी की गई जिनमें अंतराज्यीय व अंतरजनपदीय सीमा पर स्थित चेकपोस्ट शामिल हैं। जनपद की दक्षिणी दिशा की सीमा मप्र से मिलती है जिस पर तीन थाना क्षेत्र स्थित हैं। अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए एडि. सीपी शनिवार सुबह सबसे पहले शंकरगढ़ के चौकठा गांव पहुंचे। यहां चौकठा-चाकघाट सीमा पर बने चेकपोस्ट पर मातहतों की सक्रियता देखने के बाद उन्होंने ग्रामीणों से भी बात की। इसके बाद वह शंकरगढ़ थाने पहुंचे और सीमा पर निगरानी के संबंध में दिशा निर्देश दिए। यहां से वह काेरांव में एमपी सीमा पर स्थित चिरांव व मानपुर गांव पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। वहां से फिर वह खीरी थाने पहुंचकर सीमा पर सुरक्षा के संबंध में की गई व्यवस्था देखी। इस दौरान एसीपी बारा व एसीपी कौंधियारा भी मौजूद रहे।
मप्र सीमा पर कुल 13 स्थानों पर नाकेबंदी
बता दें कि चुनाव के मद्देनजर मप्र सीमा पर कोरांव, शंकरगढ़ व खीरी थाना क्षेत्रों में कुल 13 चेकपोस्ट पर चेकिंग कराई जा रही है। अंतरजनपदीय चेकपोस्ट की बात करें तो यह पूरामुफ्ती, एयरपोर्ट, मऊआइमा, फूलपुर, हंडिया और मेजा थाना क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं जिनकी कुल संख्या 15 है। उधर जनपद के भीतर भी अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर कुल 43 चेकपोस्ट पर चेकिंग कराई जा रही है। प्रयागराज छह जनपदों, जबकि एक राज्य की सीमा से सटा हुआ है। सीमा पर स्थित जनपदों में चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, जौनपुर, संत रविदास नगर और मिर्जापुर शामिल हैं। जबकि जनपद के दक्षिणी दिशा की सीमा मध्य प्रदेश से सटी हुई है।