त्योहार मनाकर रविवार से ही लोगों ने वापसी शुरू कर दी। सुबह सिविल लाइंस अड्डे पर स्थिति सामान्य रही लेकिन, दोपहर बाद रोडवेज को अतिरिक्त बसें चलानी पड़ीं। कालिंदीपुरम के अनिकेत यादव ने बताया कि उन्हें दिल्ली जाना है। लेकिन, ट्रेनों में कंफर्म बर्थ न मिलने की वजह से वह अब बस से ही रवाना हो रहे हैं। इसी तरह शाहगंज के पंकज मौर्य ने कहा कि उन्हें भरतपुर राजस्थान जाना है। कहा कि वह यहां से कानपुर, फिर दूसरी बस भरतपुर के लिए पकड़ेंगे। इस बीच सिविल लाइंस बस स्टेशन पर लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और अयोध्या रूट की बसों में खूब भीड़ गई।
इन्हीं चार रूटों पर रोडवेज ने अधिकांश अतिरिक्त बसों का भी संचालन किया। उधर, दिल्ली के लिए भी यूपी रोडवेज ने सात अतिरिक्त बसें चलाईं। वहीं, दूसरी ओर तमाम प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची का खूब फायदा उठाया। सिविल लाइंस से शाम के समय एक के बाद एक दर्जनभर एसी स्लीपर बसें दिल्ली के लिए संचालित होती हैं।
सामान्य दिनों में इन बसों का किराया प्रति व्यक्ति 1300 से 1500 रुपये रहता है। लेकिन, रविवार को इन बसों के संचालकों ने चार से पांच हजार रुपये तक का किराया वसूले। यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने बताया कि 18 मार्च तक अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो आगे भी अतिरिक्त बसें चलाई जा सकती हैं।
टिकट कंफर्म कराने को सूबेदारगंज मुख्यालय में लगाते रहे दौड़
होली की वजह से वेटिंग टिकट वाले यात्री मुख्यालय कोटा (एचओ) से बर्थ कंफर्म कराने के लिए सूबेदारगंज स्थित उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय पहुंच गए। वहां प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक कार्यालय पर लोगों की होड़ लग गई है। अफसरों के फोन लगातार वहां घनघनाते रहे। रविवार को कार्यालय बंद होने के बाद कोटा सेल के बाहर लोग पर्ची लेकर वहां रखे बॉक्स में उसे डालते रहे।