पांच जुलाई को कानपुर से मां संग ट्रेन से प्रयागराज आ रहा तीन साल का सुशांत चाैहान लापता गया था। सुशांत की मां समेत परिजनों ने बच्चे की खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ नहीं पता चल सका।
मूलरूप से देवरिया के सलेमपुर के जिगनी बाग की रहने वाली मुन्नी देवी ने बताया कि वह बेटे सुशांत संग चार जुलाई को कानपुर में रिश्तेदार के घर गई थीं। अगले दिन घर लाैटते वक्त 40 से 45 वर्ष उम्र के एक व्यक्ति ने उन्हें प्रयागराज वाली ट्रेन में बिठा दिया। दोपहर डेढ़ बजे ट्रेन से उतरीं तो बेटा गायब था।
काफी खोजबीन के बाद भी सुशांत कहीं नहीं मिला। आरोप लगाया कि स्टेशन पर पुलिसकर्मियों को सूचना दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद परिजनों के साथ कानपुर रेलवे स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां से भी निराशा हाथ लगी। परेशान होकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की तो कानपुर जीआरपी ने गुमशुदगी में केस दर्ज किया।
बाद में प्रयागराज संगम के प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया तो एक व्यक्ति अपने कंधे पर बेटे सुशांत को ले जाता हुआ कैद हो गया है। पीड़ित परिवार अपने बेटे को तलाशने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। ब्यूरो