राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इस सत्र में तीसरी और छठवीं की किताबों में बदलाव कर दिया है। किताबें बाजार में आ गई हैं। अब उसे यूपी के परिवेश में बदला जाएगा। उसके बाद लागू कर दिया जाएगा। अंग्रेजी की किताब में बदलाव के लिए आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (ईएलटीआई) में कार्यशाला शुरू हो गई है।
यूपी बाेर्ड के विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें 2019 से लागू कर दी गई हैं। अब जूनियर कक्षाओं में भी यह किताबें चलेंगी। पिछले वर्ष एनसीईआरटी ने कक्षा एक और दो की किताबों में बदलाव किया था। उस बदलाव के बाद उन किताबों को यूपी के परिवेश में लिखा गया। उसमें यूपी से जुड़े तथ्य जोड़े गए।
इस सत्र के शुरू होने से पहले यह बदलाव कर दिया गया और किताबें चला दी गईं। इस सत्र में एनसीईआरटी ने कक्षा तीन और छह की किताबें बदली हैं। यह किताबें परिषदीय विद्यालयों में अगले सत्र से लागू की जाएगी। उससे पहले दोनों कक्षाओं में भाषा (हिंदी और अंग्रेजी) व सामाजिक विषय की किताबों में बदलाव किया जाएगा। सत्र 2025 शुरू होने से पहले इन किताबों को तैयार करना है।
आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य स्कंद शुक्ल ने बताया कि अंग्रेजी की किताबों में यह देखा जा रहा है कि यूपी के बच्चों के लिए क्या जरूरी है। किताबों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाया जाएगा। कठिन शब्दों के अर्थ हिंदी में लिखे जाएंगे। पढ़ाने के लिए शिक्षकों को गाइडलाइन देंगे। बदलाव के लिए कार्यशाला कई दिन तक चलेगी। इसमें परिषदीय विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालयों, सीबीएसई के विद्यालयों और यूनिवर्सिटी के शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा।