इलाहाबाद। आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने और उसकी हत्या कर देने के मामले में अदालत ने आरोपी युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश एडीजे अरुण प्रकाश ने दिया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी आरबी लाल ने आठ गवाह पेश किए। नवाबगंज के पिंडुरा गांव की एक आठ वर्षीय बालिका 27 जुलाई 2011 को शाम गांव के ही राजू साहू की दुकान पर चावल खरीदने के लिए गई थी। बच्ची को अकेली पाकर राजू ने उससे दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची शोर मचाने लगी तो पकड़े जाने के डर से उसने ईंट से कुचलकर बच्ची की हत्या कर दी। शव को छिपाने के लिए वह अपने पिता बदलू साहू और भाई संजय साहू की मदद से जमीन में गड्ढा खोदकर शव दफनाने लगा। उधर, बच्ची को वापस लौटने में देर होने पर उसका भाई जब तलाश करने के लिए राजू की दुकान पर पहुंचा तो देखा वह लोग शव दफनाने के गड्ढा तैयार कर रहे हैं। शोर मचाने पर गांव के लोग एकत्र हो गए। पुलिस भी आ गई। अभियुक्त को रंगे हाथों पकड़ा गया। अभियोजन ने आठ गवाह पेश किए। राजू साहू पर आरोप सिद्ध हो गया। उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। पिता और भाई के खिलाफ अभियोजन आरोप साबित करने में नाकाम रहा इसलिए उनको दोषमुक्त कर दिया गया।
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