इलाहाबाद। सामाजिक न्याय मोर्चा की आरक्षण बचाओ महापंचायत पर प्रतिबंध लगने के बाद पुलिस ने जिले की सीमाओं को सील कर दिया। प्रशासन पूरी कोशिश में हैं कि छात्रों को किसी भी तरह केपी कालेज परिसर न पहुंचने दिया जाए। महापंचायत के प्रमुख वक्ता शरद यादव को देर रात गाजियाबाद और अनुप्रिया पटेल को रायबरेली में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही अन्य बड़े नेताओं को इलाहाबाद के बाहर ही रोकने की तैयारी है। प्रतापगढ़, वाराणसी, कानपुर, मिर्जापुर, रायबरेली से आने वालों वाहनों को जिले की सीमाओं पर रोककर तलाशी ली जा रही है। पंचायत के आयोजकों की तलाश में हॉस्टलों एवं डेलीगेसियों में दबिश भी डाली जा रही है। आरक्षण समर्थकों के विरोध के मद्देनजर दूसरे जिलों से दो एएसपी, 15 डीएसपी, 40 थानेदार और 400 सिपाहियों को शहर में तैनात कर दिया गया है। चार कंपनी पीएसी भी बुलाई गई है। पुलिस सोमवार सुबह से ही महापंचायत के आयोजकों की धरपकड़ में लगी है। सलोरी, बघाड़ा, मेंहदौरी, रसूलाबाद और अल्लापुर से महापंचायत के लिए लगातार प्रचार कर रहे एक दर्जन छात्र नेताओं को उठा लिया गया है। केपी इंटर कॉलेज के आसपास के सभी मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी कर दी है। दोपहर बाद से ही हंडिया, बम्हरौली, नवाबगंज, फाफामऊ, झूंसी, घूरपुर, नैनी में दूसरे जिलों से आने वाली बसों एवं छोटी गाड़ियों को रोककर तलाशी ली जा रही है। लोगों को पूछताछ के बाद ही शहर आने की अनुमति दी जा रही है। एसएसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कौशांबी, फतेहपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, संत रविदास नगर, वाराणसी, मिर्जापुर के एसएसपी एवं एसपी से अनुरोध किया गया है कि अपने जिलों से पंचायत समर्थकों को न आने दें। अन्य संपर्क मार्गों पर भी पहरा बैठा दिया गया है।