धूमनगंज में साइबर ठगों ने सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त कमांडेंट उमेश बाबू मिश्रा के 88 हजार हड़प लिए। उन्हें पहले गाड़ी से एक्सीडेंट होने और फिर खाते में हवाला की रकम के लेनदेन का झांसा देकर धमकाया। इसके बाद खाते में रुपये जमा करा लिए। धूमनगंज पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज कर लिया है।
टीपी नगर निवासी सेवानिवृत्त कमांडेंट ने पुलिस को बताया कि डेढ़ माह पहले उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने बोला कि आपकी गाड़ी का चालान हो गया है। आप एक दबाएं। एक दबाने पर उधर से आवाज आई कि मैं...आरटीओ ऑफिस मुंबई से बोल रहा हूं। फिर आधार नंबर पूछकर बताया कि आपका केस मुंबई क्राइम ब्रांच में रजिस्टर है। आपने 16 अगस्त को मुंबई में एक्सीडेंट किया है और आप मुंबई क्राइम ब्रांच से बात करिए। इसके बाद कॉल फॉरवर्ड कर दी। कुछ देर बाद कॉल कनेक्ट होने पर फोन उठाने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच से बताया। फिर बताया कि आपके आधार नंबर पर मुंबई में कई बैंक खाते खोले गए हैं। इनमें करोड़ों रुपए हवाला के आए हैं।
आप या तो मुंबई आओ या ऑनलाइन स्टेटमेंट दो। साथ ही कहा कि 88,325 रुपये आरबीआई के खाते में जमा करो, ताकि आपके खाते की जांच हो सके। इस पर उन्होंने एसबीआई यूपीआई से रकम भेज दी। बाद में पता चला कि यह धोखाधड़ी थी। जिस पर उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर धूमनगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर राजेश मौर्य ने बताया कि फिलहाल, अज्ञात में केस दर्ज किया गया है। साइबर सेल से भी मदद ली जा रही है।