राज्यमंत्री के पड़ोसी गांव में पखवारेभर से ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। मगर उपकेंद्र पर तैनात जेई की मनमानी के चलते यह बदला नहीं जा सका है। कागजी कोरम पूरा कर जेई ने इससे फुर्सत ले ली है। ग्रामीण उपकेंद्र से लेकर स्टोर तक हप्तेभर से चक्कर लगा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्टोर पर तैनात कर्मचारी उनसे चढ़ावे की मांग कर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को बिजली संकट की मार झेलनी पड़ रही है। सोनावा विद्युत उपकेंद्र से लालधर पट्टी गांव में विद्युत आपूर्ति होती है। इसी गांव से सटा है राज्यमंत्री का पैतृक गांव करमाही। दरअसल पखवारे भर पहले लालधर पट्टी गांव मेें लगा ढाई सौ केवीए का ट्रांसफार्मर धू-धू कर जल गया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी उपकेंद्र पर दी। उपकेंद्र पर तैनात जेई ने रिपोर्ट तैयार करने में हप्तेभर लगा दिए। ग्रामीणों ने किसी तरह चंदा एकत्र कर वाहन बुंकिग कर ट्रांसफार्मर स्टोर लेकर आए। मगर स्टोर से उन्हें निराश लौटा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्टोर के कर्मचारी द्वारा रुपये की डिमांड की गई। ऐसे में ग्रामीण अब उपकेंद्र से लेकर स्टोर तक का चक्कर लगा रहे हैं। मगर अब तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। गांव के अशोक सिंह, जयकरण सिंह, महेंद्र वर्मा, रामसुख, रामप्रसाद यादव, जीखूलाल, विक्रम सिंह, अहमद अली सहित ग्रामीणों का कहना है कि पखवारे भर से गांव में विद्युत आपूर्ति ठप होने शाम होते गांव मेें अंधेरा छा जाता है। मोबाइल शोपीस बने हुए हैं। दूर गांव में जाकर लोगों को मोबाइल जार्च करना पड़ रहा है। इलेक्ट्रानिक उपकरण शोपीस बने हुए हैं।