नगर स्थित राम अंजोर मिश्र इंटर कॉलेज के प्रमोद सभागार में आयोजित समारोह में प्रख्यात साहित्यकार प्रो. कामता प्रसाद त्रिपाठी उर्फ पीयूष द्वारा लिखी गई आध्यात्मिक कृतियां गोविंदवंदनम् व रघुपमहिममधु का विमोचन किया गया। दोनों कृतियों का विमोचन करते हुए बतौर मुख्य अतिथि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने कहा कि संस्कृत भाषा राष्ट्र के उन्नयन के लिए संजीवनी से कम नहीं है। उन्होंने देववाणी भाषा संस्कृत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भाषा विश्व की पथ प्रदर्शक करने वाली भाषा है। प्रो. विश्वकर्मा ने पीयूष की विद्वता व रचना की प्रशंसा करते हुए उनको देश का गौरव बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रो. सुशील कुमार शर्मा ने आज के समय में अंग्रेजी ज्ञान को आवश्यक बताते हुए संस्कृत भाषा को सर्वोपरि करार दिया। प्रो. शर्मा ने कहा कि संस्कृत के उत्थान से ही देश की सभ्यता व प्राचीन पहचान को मजबूती मिल सकेगी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. शक्तिधर नाथ पांडेय व विशालमूर्ति मिश्र द्वारा साहित्यकार प्रो. कामता प्रसाद त्रिपाठी को अंगवस्त्रम व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत शिक्षक राकेश त्रिपाठी व आभार प्रदर्शन सुनील शुक्ल ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंबिकेश त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर डॉ. अपर्णा शर्मा, डॉ. शिवमूर्ति त्रिपाठी, डॉ. राजकुमार पांडेय, रामअवधेश मिश्र, दयाशंकर पांडेय, डॉ. वीरेंद्र मिश्र, सौरभ मिश्र, प्रधानाचार्य सुनील कुमार शुक्ल, डॉ. ज्ञानेंद्र नाथ पांडेय, रामफेर पांडेय आदि मौजूद रहे।