हटाए गए दुकानदार को वैकल्पिक स्थान देने का आदेश
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने सिविल लाइंस से हटाए गए दुकानदार को वैकल्पिक स्थान देने पर नगर निगम को निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने नगर आयुक्त से कहा कि दुकानदार के प्रत्यावेदन पर छह सप्ताह में निर्णय लें। दुकानदार एमएच उस्मानी की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और अशोक कुमार की पीठ ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि याची की सिविल लाइंस स्थित महात्मा गांधी मार्ग पर स्पाइसी बाइट के नाम से दुकान थी। सुंदरीकरण के दौरान उसकी दुकान नगर निगम और विकास प्राधिकरण ने तोड़ दी। उसे मुख्य डाकघर के पास जगह दी गई, मगर बाद में वहां से भी यह कहते हुए हटा दिया गया कि उसे महात्मा गांधी मार्ग पर ही वैकल्पिक स्थान दिया जाएगा। मगर आज तक उसे कोई स्थान नहीं दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि याची को दो बार दुकान एलाट की जा चुकी है और दोनों बार उसे हटा दिया गया। इस बात पर नगर निगम की ओर से भी कोई विवाद नहीं है। लिहाजा नगर आयुक्त याची के प्रत्यावेदन पर छह सप्ताह में उसे दुकान एलाट के संबंध में उचित निर्णय लेकर आदेश पारित करें।