खैर-सोमना रोड पर बुधवार शाम कार सवार युवकों ने नायब तहसीलदार से जमकर गाली गलौज कर अभद्रता कर दी। उनके चालक ने रोका तो उसको भी पीटा। यह देख कर नायब तहसीलदार के साथ मौजूद पत्नी और बच्चे सहम गये। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी तीन युवकों को थाने ले गई। जिनका पुलिस ने शांति भंग में चालान कर दिया।
नायब तहसीलदार व उनके साथ आए अधिवक्ताओं ने आरोपियों को जेल भेजने की मांग की, लेकिन एसडीएम ने उन्हें जमानत पर छोड़ दिया। जिससे नायब तहसीलदार व स्टाफ में रोष व्याप्त है। नायब तहसीलदार टप्पल लीलू सिंह बुधवार शाम पत्नी व बच्चों संग बाजार से कुछ खरीददारी कर निजी कार से अपने आवास महाराजा एन्क्लेव काॅलोनी जा रहे थे।
सोमना बाइपास पर सामने से आ रहे दो कार सवारों ने साइड न देते हुए उनकी कार के सामने अपनी दोनों कार लगा दी। नायब तहसीलदार द्वारा कार हटाने को कहा तो वे हमलावर हो गए। उनके चालक दीपक को कार से निकाल कर बेतहाशा पीटा। विरोध करने पर हमलावरों ने नायाब तहसीलदार से भी अभद्रता की। पत्नी बच्चे यह देख रोने चिल्लाने लगे।
काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने आरोपी तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। बृहस्पतिवार को खैर पुलिस ने विनय पुत्र यशवंत निवासी नीमडी थाना बौद्वकला दादरी, प्रभाकर सैनी पुत्र सुभाष चन्द निवासी कोटकला शिकारपुर व रोकेन्द्र पुत्र मनवीर सिंह निवासी जमालपुर, शिकारपुर का चालान कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया। पीड़ित नायब तहसीलदार व अधिवक्ताओं के विरोध के बाद भी एसडीएम ने उन्हें जमानत पर छोड़ दिया। एसडीएम खैर दिग्विजय सिंह ने बताया कि शांतिभंग की धारा में पेश आरोपी को जमानत देना आवश्यक होता है। नायब तहसीलदार चाहें तो अपनी ओर से नामजदों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा सकते है।
17 अधिवक्ताओं ने किया जमानत का विरोध
खैर। नायब तहसीलदार टप्पल लीलू सिंह से अभद्रता व उनके चालक से मारपीट करने वालों काे शांति भंग की धाराओं में जमानत दिए जाने का विरोध किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता मदनमोहन गौतम, सुल्तान शर्मा, मुनेश शर्मा, अजय चौहान, राजीव शर्मा, आनंद गौतम, रतन सिंह, अमित गौतम, घनश्याम शर्मा, पंकज शर्मा, मुकेश अग्रवाल, अनिल पंडित, राजीव कुमार सहित सत्रह अधिवक्ताओं ने अपने वकालतनामा सहित लिखित में आपत्ति पेश की। एसडीएम खैर ने अधिवक्ताओं के विरोध को दरकिनार करते हुए नामजदों की जमानत दे दी। एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन व वरिष्ठतम अधिवक्ता शिशुपाल शर्मा का कहना है कि ऐसे आरोपियों को जमानत मिलने से हौसले बुलंद होते हैं। संवाद