लाल डिग्गी स्थित विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा धरना प्रदर्शन को संबोधित करते तक?
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ऊर्जा निगम के शीर्ष प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आंदोलनरत बिजलीकर्मियों का दूसरे दिन बुधवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। उन्होंने ऐलान किया कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बुधवार को भी लाल डिग्गी कार्यालय के बाहर बिजली अभियंता, अवर अभियंता एवं कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने में शहर एवं देहात क्षेत्र के कर्मचारी व अधिकारी शामिल हुए। बिजली कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते बिल काउंटर बंद रहे। लाइन फाल्ट आदि समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं को परेशानियां उठानी पड़ी। संघर्ष समिति के सह संयोजक योगेंद्र पांडे एवं तक्षक भारद्वाज के नेतृत्व में हुए धरने में वक्ताओं ने ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन पर हठधर्मी, नकारात्मक एवं तानाशाही रवैया अपनाने का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित न्यायोचित समस्याओं के समाधान के लिए सरकार एवं प्रबंधन से लगातार मांगें करते चले आ रहे हैं। इसके बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि जब मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक उनका अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
उन्होंने शीर्ष प्रबंधन और चेयरमैन पर ऊर्जा निगमों में टकराव का वातावरण पैदा करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा से अपील की है कि वे तत्काल इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर बिजली कर्मियों की समस्याओं का स्थायी समाधान कराएं। धरने में क्षेत्रीय संयोजक अरविंद कुमार निगम, जिला संयोजक प्रवीन शाक्य, जिला संरक्षक राहुल बाबू कटियार, पंकज त्रिपाठी, पीयूष सारस्वत, सौरव मंगला, अरूण यादव, प्रदीप चौहान आदि ने अपने विचार रखे।