विभागीय जांच में दरोगा को पिस्टल देने वाले मुंशी सुदीप कुमार को भी घटना के लिए बड़ा जिम्मेदार माना गया है। उसे घटना वाले दिन ही निलंबित कर दिया था। सीओ प्रथम अभय पांडेय ने बताया कि इस पूरे मामले में इटावा फतीहपुर निवासी मुंशी सुदीप के खिलाफ विभागीय जांच की गई। इसमें उजागर हुआ है कि पासपोर्ट का कार्य सुदीप के पास नहीं था। फिर भी उसने कॉल करके महिला को थाने बुलाया। इसी दौरान आरक्षी ने लापरवाही से पिस्टल निकाल कर मैगजीन बिना अलग किए दरोगा को सौंप दी।
इसके बाद घटना होने पर दरोगा व मुंशी दोनों भाग गए, जबकि उन्हें महिला के जख्मी होने पर उसे अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करना था। इस जांच में घटना से पूर्व व घटना बाद के आचरण से आपराधिक लापरवाही के साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर जेल भेजा गया है। अदालत से गैर जमानती वारंट लेने के साथ ही फरार दरोगा पर बीस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। सीओ प्रथम अभय पांडेय ने पोस्टर जारी किए जाने व मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की पुष्टि की है।