इसके बाद सुबह से ही लोगों की महिला के घर के बाहर भीड़ जमा होने लगी। भारी जमावड़े के बीच हंगामे के हालात बनने लगे थे। भारी संख्या में तैनात पुलिस बल हालात पर नियंत्रण रखे हुए था। सुबह करीब ग्यारह बजे जब जनाजा घर से उठा और गली के बाहर आया तो पुलिस विरोधी हंगामे के हालात बने। जनाजे को भीड़ ने रोकने की कोशिश की। मगर परिवार ने सूझबूझ का परिचय देकर सभी को शांत किया और बिना जनाजा रोके सीधे शाहजमाल कब्रिस्तान पहुंचे। जहां नमाज अता करने के बाद शव दफन किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासनिक अधिकारी, राजनीतिक लोग मौजूद रहे।
इस मामले में लापरवाही के आरोपी मुंशी सुदीप को पुलिस बुधवार को जेल भेज चुकी है, जबकि बीस हजार का इनामी दरोगा अभी तक गायब है। पुलिस ने घटना के संबंध में दर्ज मुकदमे को हत्या व साजिश की धारा में तरमीम कर लिया है। इस बात की तस्दीक खुद लिखित में मृत महिला के परिवार को भी कर दी गई है।
मामले में लगातार पुलिस प्रशासनिक टीम परिवार के साथ है। मुकदमा हत्या व साजिश की धाराओं में तरमीम कर दरोगा की तलाश कराई जा रही है। बाकी हालात सामान्य हैं। स्थितियों पर नजर रखी जा रही है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
मुंशी सुदीप की जमानत अर्जी दायर, सुनवाई 15 दिसंबर को
इस घटना में बुधवार को जेल भेजे गए पुलिसकर्मी कोतवाली के निलंबित मुंशी सुदीप के पैरोकारों की ओर से न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई है। सत्र न्यायालय में दायर जमानत अर्जी पर 15 दिसंबर को सुनवाई की तारीख नियत की गई है। डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि जमानत अर्जी अदालत में दायर हुई है। जिस पर सुनवाई होगी।