दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, उप्र आवास एवं विकास परिषद, उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड, उप्र पर्यटन विकास निगम लिमिटेड, उप्र प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड, उप्र राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, उप्र राज्य सेतु निगम लिमिटेड, स्मार्ट सिटी सहित 12 विभागों द्वारा जनपद में पिछले पांच सालों में कराए गए कार्यों की समीक्षा की गई।
सभापति ने डीएम को लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
सभापति मनीष असीजा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं मानक के अनुरूप समयबद्धता से पूर्ण कराना है। समीक्षा के दौरान जनहित में बेहतर कार्यों का होना पाया गया। परंतु विभागीय समन्वय में कमी महसूस की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित के विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। सभापति ने कहा कि स्मार्ट सिटी के कार्यों का समय से पूरा न होने का मुख्य कारण विभागों का आपसी समन्वय न होना एवं ठेकेदार द्वारा की जा रही लापरवाही पर अर्थदंड अधिरोपित न करना प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने जिलाधिकारी से अपेक्षा की कि वह विभागीय तालमेल बैठाते हुए स्मार्ट सिटी के कार्यों की मॉनिटरिंग करते हुए लेटलतीफ ठेकेदारों पर अर्थदंड एवं दोषी अधिकारियों के विरु्द्ध कार्रवाई करें। सदस्य अनिल पाराशर ने एबीडी एरिया के बाहर समुचित जल निकासी के लिए स्मार्ट सिटी से कार्य कराने का मामला उठाया। सभापति ने स्टेट सेंटर से स्कीम बनाए जाने के लिए प्रभावी प्रयास की बात कही। बैठक में सांसद हाथरस राजवीर दिलेर, विधायक प्रभात कुमार वर्मा, आकाश अग्रवाल, देवेंद्र निम, किरत सिंह, अनूप कुमार गुप्ता, तूफानी सरोज, कमाल अख्तर, सरिता भदौरिया, सीडीओ आकांक्षा राना, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट आदि मौजूद रहे।
ये दिए निर्देश
- अचलताल पर कार्यों को 30 अगस्त तक पूरा करें।
- नकवी पार्क में सौंदर्यीकरण 15 अगस्त तक पूरा करें।
- बारहद्वारी पर मल्टीस्टोरी पार्किंग को दिसंबर तक पूरा हो।
- कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर को तीन माह में शुरू कराएं।