जिसकी हत्या के आरोप में विष्णु जेल में है। वह बेशक अब जीवित मिल गई। मगर हैरान करने वाली बात है कि खुद विष्णु ने गिरफ्तारी के समय टूंडला पुलिस के समक्ष अपनी प्रेमिका की हत्या करना स्वीकारा। इस खबर पर गोंडा से पहुंचे परिवार ने बेटी का शव कपड़ों के आधार पर पहचाना था।
अब सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर यह उसने उस समय क्यों स्वीकारा? आखिर इस हत्या को स्वीकारने के पीछे उसकी क्या मंशा थी? यह कहीं किसी साजिश का तो हिस्सा नहीं था? जब किशोरी बच गई थी तो वह वहां से अपने घर क्यों नहीं आई? कुल मिलाकर इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस विवेचना और अब युवती बनी किशोरी के बयानों के अवलोकन के बाद मिलेंगे।
विष्णु पर रासुका तक लगा, लंबी चौड़ी क्राइम हिस्ट्री
पुलिस ने जब विष्णु के विषय में जानकारी जुटाना शुरू किया तो उसका क्राइम सामने आया। वह अपने जिले के कुख्यात अपराधी गोंडा के ही हिस्ट्रीशीटर पंकज उर्फ भोला का साथी रहा। 27 मई 2015 को मथुरा न्यायालय से फिरोजाबाद जेल ले जाते समय पंकज उर्फ भोला को टूंडला क्षेत्र में रोडवेज बस पर हमलाकर पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाया गया था।
उस दौरान पुलिसकर्मियों की रायफल तक लूटी गई थी। उस घटना में पंकज की मदद करने में विष्णु गौतम उर्फ विष्णु पंडित का नाम आया। पंकज पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ और उसे उसी वर्ष 8 अगस्त को अलीगढ़ पुलिस ने बन्नादेवी क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया था।
विष्णु पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ, जिसे 19 अगस्त को टूंडला पुलिस ने गिरफ्तार किया था। चूंकि वह 17 फरवरी से अपने गांव की किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मुकदमे में वांछित था। इसलिए टूंडला के साथ-साथ गोंडा पुलिस ने वहां पहुंचकर उससे लड़की के विषय में पूछा। तभी उसने उसकी हत्या कर एत्मादपुर क्षेत्र में फेंकना स्वीकारा और बताया कि वह उसके अपराध में बाधा बन रही थी।
इसलिए मार दिया। उसका चेहरा कुचला गया था। एत्मादपुर पुलिस ने भी एक लाश बरामद होना स्वीकारा और कपड़े परिवार ने अपनी बेटी के कपड़ों के रूप में पहचाने थे। इस आधार पर सितंबर में किशोरी के अपहरण में हत्या कर साक्ष्य मिटाने की धारा में विष्णु पर चार्जशीट दायर की। टूंडला पुलिस ने उसी समय विष्णु सहित उसके सभी साथियों पर रासुका में कार्रवाई की थी।
करीब डेढ़ वर्ष से बेटी से संपर्क में है परिवार
बरामद बेटी के पिता किसान हैं। घर में मां के अलावा एक बड़ा भाई, एक छोटी बहन व एक सबसे छोटी बहन है। अभी किसी की शादी नहीं हुई। भाई व पिता बताते हैं कि जब उनकी बेटी दसवीं में पढ़ती थी। तभी विष्णु उसे ले गया था। कुछ दिन बाद पुलिस ने ही आकर खबर दी कि विष्णु टूंडला में पकड़ा है। जब हम वहां गए तो फोटो व कपड़े दिखाए। जिनसे हमने उसे पहचाना। तब से हम चुपचाप बैठे रहे।
पिता व भाई ने स्वीकारा कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उनकी बेटी ने उनसे फोन पर संपर्क किया। खुद को जीवित बताया। मगर हम डर गए कि अब किसी झमेले में न फंस जाएं और लोकलाज भी एक वजह थी। इसलिए चुप रहे। सोमवार को हम लोगों से वह थाने में मिली है। अब उसके भविष्य को लेकर अभी कुछ सोचा नहीं है। इस पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा। अब विष्णु ने झूठ क्यों बोला और जिसकी लाश मिली थी, वो कौन थी ये विष्णु ही बता सकता है।
तो ऐसे नगला चोखा तक पहुंची युवती
हालांकि अभी इस तथ्य की पुष्टि नहीं हुई है। मगर पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आया है, उसके अनुसार विष्णु उसे घर से फुसलाकर ले गया और अपनी रिश्तेदारी में एत्मादपुर क्षेत्र में ही रखा। इसी बीच उसने पंकज उर्फ भोला को छुड़ाने वाली घटना को अंजाम दिया तो इस किशोरी को अपनी रिश्तेदारी में ही छोड़कर फरार हो गया।
इसी बीच नगला चोखा निवासी युवक भी अपनी रिश्तेदारी में उसी गांव में गया। जहां किशोरी उसके संपर्क में आ गई। लंबे समय तक विष्णु की खबर न मिलने पर किशोरी उसके साथ उसके गांव चली गई और शादी कर उसके साथ रहने लगी। इस तथ्य की पुष्टि जांच व बयानों के आधार पर होगी।
साजिश रचकर फंसाया मेरे बेटे को
सोमवार को दीवानी पहुंची विष्णु की मां सुनीता ने मीडिया के समक्ष कहा कि उसके इकलौते बेटे को साजिश के तहत फंसाया गया है। वह बेटे की रिहाई चाहती है। इधर, मां के साथ आए भागवताचार्य उदय कृष्ण शास्त्री ने बताया कि वे हाथरस में भागवत करने गए थे। तभी इस युवती को उन्होंने देखा था। चूंकि सुनीता को वह पहले से जानते हैं और पूरा विषय जानकारी में है। इसीलिए उन्होंने खुद सुनीता को पुलिस के पास लेकर गए थे।
- विष्णु के आपराधिक रिकार्ड के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। इतना पता चला है कि जब वह किशोरी को लेकर गया था। तब उसने टूंडला में बड़ी वारदात को अंजाम दिया। इसी दौरान वह फरार हुआ और किशोरी से अलग हो गया। रहा सवाल विष्णु की रिहाई आदि का तो अभी विवेचना के बाद निर्णय होगा। वह किशोरी के अपहरण का आरोपी तो है, हत्या की धारा पर विवेचना के बाद निर्णय लिया जाएगा। -राघवेंद्र सिंह, सीओ इगलास