इगलास में फर्नेश कारोबारी अपहरण कांड के आरोपी कुख्यात अपराधी विनोद पथैना की सत्र न्यायालय से जमानत मंजूर कर ली गई है। हालांकि, अभी उसकी रिहाई संभव नहीं है। वह इन दिनों भरतपुर की सेवर जेल में बंद है। बता दें कि इस अपहरण कांड सहित आगरा से जुड़े अपराधों में उस पर कुल डेढ़ लाख का इनाम घोषित हुआ था और उसे आगरा पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा था। उसके पैर में गोली भी लगी थी।
वाकया 16 जून 2020 का है। शीशियापाड़ा के फर्नेश कारोबारी अपनी फैक्टरी जा रहे थे, तभी इगलास क्षेत्र में उनको अगवा किया गया। बाद में उन्हीं के मोबाइल से उनके परिवार को फोन कर छह लाख रुपये की फिरौती वसूलकर छोड़ गया। कॉल रिकार्डिंग के आधार पर हाथरस के मुरसान क्षेत्र के बर्खास्त सिपाही विनोद जाट व भरतपुर राजस्थान के विनोद पथैना का नाम सामने आया।
इसके अलावा उनके कुछ अन्य साथियों के नाम भी आए। चार आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा था, जबकि विनोद जाट ने 50 हजार का इनाम घोषित होने पर आगरा में आत्म समर्पण किया था। पथैना को करीब दो वर्ष की फरारी के बाद आगरा पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा था। तब से वह कुछ दिन आगरा और अब भरतपुर जेल में बंद है।
डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार विनोद पथैना के अधिवक्ता की ओर से जमानत अर्जी पेश की गई। इसके विरोध में उसकी 22 से ज्यादा मुकदमों की क्राइम हिस्ट्री पेश की गई। न्यायालय ने मामले में जमानत मंजूर कर ली है। बता दें कि इस मुकदमे का ट्रायल एडीजे प्रथम के यहां चल रहा है और गवाही जारी है। इसका साथी विनोद जाट जेल में है।
प्रवीन बाजौता की सुनियोजित गिरफ्तारी में आया था नाम
विनोद पथैना के जिले के कुख्यात अपराधी प्रवीन बाजौता से संपर्क है। अपहरण कांड के बाद उसने प्रवीन के यहां फरारी काटी थी। इधर, संदीप गुप्ता हत्याकांड के बाद फरार हुए प्रवीन बाजौता, जितेंद्र कंजा की भरतपुर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र से सुनियोजित गिरफ्तारी हुई थी। उस समय पुलिस जांच में विनोद पथैना की मदद से गिरफ्तारी कराने में नाम सामने आया था।