शनिवार को तड़के पहर करीब तीन बजे मनेंना निवासी ओमप्रकाश पुत्र स्व. नेत्रपाल सिंह अपने दो साथियों के साथ बाग में पहुंचे थे। आरोप है कि वह बाग से अमरूद तोड़कर ले जा रहे थे तभी बाग की रखवाली कर रहे बनवारीलाल व गांव बिहारीपुर निवासी भीमसेन पुत्र भूदेव सिंह ने ओमप्रकाश को पकड़ लिया, जबकि दो अन्य लोग भाग निकले।
आरोप है कि इसके बाद बनवारीलाल व भीमसेन ने डंडों से ओमप्रकाश को बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल होने पर बाग में ही डाल दिया। सुबह यह बात ओमप्रकाश के परिवार वालों को पता चली तो ग्रामीणों के साथ वह अमरूद की बाग में पहुंच गए। इसके बाद वहां पंचायत शुरू हो गई। करीब पांच घंटे बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छर्रा भेजा जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। मृतक के भाई सत्यप्रकाश का आरोप है कि उनका भाई शनिवार की सुबह पांच बजे शौच करने के लिए अमरूद के बाग में पहुंच गया।
वहां अमरूद तोड़ने का आरोप लगाते हुए बनवारीलाल व भीमसेन व दो अज्ञात ने डंडों से पीट-पीट कर उनके भाई की हत्या कर दी। उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। वह डंडा भी बरामद कर लिया जिससे पिटाई की गई थी। सूचना पर सीओ बरला अभय कुमार पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंचे।
पंचायत के चक्कर में न पड़ते तो शायद बच जाती जान
खबर मिलने के बाद सुबह परिवार और गांव वाले बाग में पहुंचे उस समय ओमप्रकाश घायल थे। परिवार और गांव वाले घायल को अस्पताल न ले जाकर बाग में ही आरोपी पक्ष के साथ बातचीत और पंचायत करने में जुट गए। करीब पांच घंटे तक यह पंचायत चलती रही।
इस बीच घायल ओमप्रकाश बाग में पड़े तड़पते रहे और उनकी हालत बिगड़ती चली गई। जब सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तब घायल को छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। चर्चा है कि समय रहते सुबह ही घायल को सीएचसी पहुंचा दिया जाता और इलाज शुरू हो जाता तो शायद जान बच जाती।