प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री सीरीज की स्क्रीनिंग को लेकर कई विश्वविद्यालयों में विवाद हो चुका है। इसी मामले में कई छात्रों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं। वहीं, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर इंतजामिया सतर्क है।
जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू), जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली और दिल्ली विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आधारित विवादस्पद डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर अमुवि प्रशासन चौकन्ना हो गया है। विवादास्पद होने के चलते अमुवि में डॉक्यूमेंट्री में चोरी-छिपी देखी जा रही है।
हालांकि, इंतजामिया ने डॉक्यूमेंट्री देखे जाने की खबर से इंकार किया है। विश्वविद्यालयों में स्क्रीनिंग के दौरान छात्रों की गिरफ्तारी को छात्रों ने लोकतंत्र को कमजोर करने की बात कही है। उधर, एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर का पिछले दिनों बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर एक अंग्रेजी में लंबा-चौड़ा लेख छप चुका है। लेख में उन्होंने कहा कि पश्चिमी मीडिया ने एक साजिश के तहत डॉक्यूमेंट्री बनाई है, जो निंदनीय है।
क्या है बीबीसी डॉक्यूमेंट्री में
डॉक्यूमेंट्री दो हिस्सों में बनी है, जिसका नाम ‘इंडिया : द मोदी कवेश्चन’ है। यह सीरीज गुजरात में वर्ष 2022 में हुए दंगों पर आधारित है, जो गोधरा कांड के नाम से जाना जाता है। उस समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।