जिले में मवेशियों में फैले लंपी वायरस से बचाव को रविवार से पशुओं का सघन टीकाकरण शुरू हो गया है। पहले दिन करीब 800 पशुओं को वैक्सीन की डोज दी गई। अब तक बीमार पशुओं की संख्या 3438 तक पहुंच गई है। इनमें से 27 पशुओं की मौत भी हो चुकी है। सोमवार से पशु पालन विभाग की टीमें बीमार पशुओं का सघन टीकाकरण करने को घर-घर दस्तक देंगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि बीमारी का प्रकोप कुछ कम हो रहा है और उनकी रिकवरी भी जल्दी हो रही है। रविवार को जहां 237 पशु बीमारी की चपेट में आए तो 389 पशु इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।
इस दौरान 27 पशुओं की मौत भी हो चुकी है। पहले दिन सरकारी गोशालाओं में करीब 800 गोवंश का टीकाकरण कराया गया। सोमवार से यह टीमें घर-घर दस्तक देकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। उन्होंने बताया कि (लंपी स्किन डिसीज) पशुओं को होने वाली एक वायरल बीमारी है। ये पॉक्स वायरस से मवेशियों में मच्छर और मक्खी के जरिए एक से दूसरे में फैलती है।
इस बीमारी के लक्षणों में पशु के शरीर पर छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं, शरीर पर जख्म नजर आने लगते हैं। पशु खाना कम कर देता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घटने लग जाती है। इस बीमारी की शुरूआत में पशु को दो से तीन दिन तक हल्का बुखार रहता है। उन्होंने अपील की है कि पशुपालक बीमार पशुओं का सरकारी चिकित्सालय में ही उपचार कराएं।