गभाना टोल-प्लाजा पर स्थानीय लोगों के लिए निशुल्क फास्टैग नहीं लगाने पर 1 जुलाई को ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान ग्रामीणों की टोल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से नोकझोंक के साथ हाथापाई भी हो गई। सूचना पर पहुंची इलाका पुलिस ने लोगों को खदेड़ दिया। बाद में एसडीएम, सीओ व प्रभारी निरीक्षक ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया।
उल्लेखनीय है कि निशुल्क फास्टैग सेवा बंद होने पर 28 जून को भी स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा पर हंगामा किया था। जिस पर 1 जुलाई को प्रबंधन से जुडे अधिकारियों के साथ वार्ता तय हुई थी। सुबह दस बजे के करीब चेयरमैन कुंवर अभिमन्युराज सिंह, भाकियू भानु के युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष कृष्णा ठाकुर, भाकियू किसान एकता के जिलाध्यक्ष मुनेंद्र ठाकुर समेत क्षेत्रीय लोग टोल प्लाजा पर पहुंच गए। लेकिन, टोल प्लाजा पर कोई भी उच्चाधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर लोग हंगामा करने लगे। सुबह साढ़े दस बजे से शुरू हुआ हंगामा लगभग दोपहर डेढ़ बजे तक चला।
बाद में टोल प्रबंधन से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से बातचीत की। हालांकि, बातचीत का कोई हल नहीं निकला। इस पर स्थानीय लोगों ने टोल बूथ खोलकर टोल को करीब 15 मिनट के लिए फ्री करा दिया और बूथ पर ही बैठकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक गजेंद्र सिंह ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया तब लोग शांत हुए। बाद में एसडीएम विनीत मिश्रा, सीओ रंजन शर्मा ने चेयरमैन अभिमन्युराज सिंह, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कृष्णा ठाकुर, मुनेंद्र ठाकुर समेत अन्य ग्रामीणों से वार्ता की। लेकिन वार्ता विफल रही। अब बृहस्पतिवार को तीसरी बार वार्ता होगी।
सात किमी के इलाके के लोगों के लिए लगाए गए थे निशुल्क फास्टैग
ग्रामीणों ने बताया कि टोल प्लाजा के सात किमी के दायरे में आने वाले गांवों के ग्रामीणों के लिए टोल प्रबंधन ने निशुल्क फास्टैग लगाए थे। बीस किमी के दायरे में मासिक पास बनाया गया। एक सप्ताह से टोल प्रबंधन ने निशुल्क फास्टैग लगाने बंद कर दिए थे। जिसको लेकर ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आए दिन वाहन निकालने को लेकर टाेल कर्मियों से नोकझोंक होती थी।