अलीगढ़ नुमाइश के मित्तल द्वार पर यूपी के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सफेद कबूतर उड़ाकर नुमाइश का उद्घाटन किया। साथ में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान और जनप्रतिनिधि भी थे। डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एडीएम सिंटी मीनू राणा के साथ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
अलीगढ़ की नुमाइश आज 142 साल की हो गई। नुमाइश के मित्तल द्वार पर उद्घाटन की पूरी तैयारियां थीं, उससे पहले बारिश की बूंदाबांदी ने प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीर बना दी कि अब नुमाइश का उद्घाटन कैसे होगा ? लगभग एक घंटे बाद यूपी के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सफेद कबूतर उड़ाकर नुमाइश का उद्घाटन किया।
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उद्घाटन के समय बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान और जनप्रतिनिधि भी थे। डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एडीएम सिंटी मीनू राणा के साथ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
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नुमाइश का यह है इतिहास
नुमाइश की शुरूआत साल 1880 में राजा हरनारायण सिंह की प्रेरणा से अलीगढ़ डिस्ट्रिक्ट फेयर के नाम से अश्व प्रदर्शनी के रूप में हुई। साल 1886 में अलीगढ़ की प्रशिक्षण एवं शैक्षिक ज्ञान के समावेश हो जाने के कारण इसका नाम राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी हो गया। साल 1914 में तत्कालीन कलक्टर डब्लूएस मैरिस ने दरबार हाल बनवाया। साल 1998 में तत्कालीन डीएम श्रीकृष्ण सिंह अटोरिया के कार्यकाल में यह चैरेटिबल ट्रस्ट के रूप पंजीकृत हुई। 142 साल से कोरोना काल जैसे कुछ साल छोड़कर नुमाइश लगातार लगती रही।