असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयदशमी पर्व पर दशानन रावण के अहंकार का अंत हो गया है। बुधवार को रामलीला मैदान में भगवान श्री राम के बाण से रावण का अंत हो गया। इसी के साथ पूरा मैदान प्रभु राम के जय घोष से गुंजायमान हो उठा।
आसमान भी आतिशबाजी से सतरंगी हो उठा। हालांकि, पुतला दहन से पहले इंद्रदेव ने विघभन डालने की कोशिश की लेकिन प्रभु राम के बाणों की बौछार के आगे बारिश थम गई और दशानन रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले धू-धू कर जल उठे।
रामलीला मैदान में देर शाम रावण वध की लीला का मंचन हुआ। रावण की सेना रामादल के रीछ, वानरों को मारने में जुट गई। अपनी सेना पीछे हटते देख लक्ष्मण ने श्रीराम को रावण का अंत करने का आग्रह किया। इसके बाद राम व रावण में घनघोर युद्ध शुरू हो जाता है।
इस पर विभीषण ने रावण की नाभि में अमृत की जानकारी देते हुए अग्नि बाण से रावण को मारने की सलाह दी। श्रीराम ने एक बार में 31 बाण छोड़कर रावण का अंत कर दिया। इसके बाद रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। इसके साथ ही श्रीराम की सेना में विजय घोष के साथ जय श्रीराम के जयकारे लगने लगते हैं।
आतिशबाजी की बिखरी छटा
नुमाइश मैदान में रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाथ के पुतलों के दहन से पूर्व सतरंगी आतिशबाजी की छटा देखते ही बनी। एक साथ आसमान पर सात रंग बिखरे नजर आए। चकरगिन्नी, फूल वाली आतिशबाजी, बड़ा अनार आदि जोरदार आतिशबाजी देख दर्शक गदगद हो उठे। आसमान में दिख रहे इस अद्भुत नजारे को दर्शक अपने मोबाइल फोन में कैद करते हुए नजर आए।
डीएम-एसएसपी एवं जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
नुमाइश में हुए रावण के पुतला दहन कार्यक्रम में शहर विधायक मुक्ता राजा, पूर्व विधायक संजीव राजा समेत तमाम जनप्रतिनिधि एवं डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एडीएम सिटी विवेक चतुर्वेदी, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत आदि मौजूद रहे। उन्होंने सभी को विजयदशमी पर्व एवं सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
भगवान राम-लक्ष्मण की आरती से शोभायात्रा का शुभारंभ
श्री रामलीला गोशाला कमेटी के मुख्य संयोजक एवं अध्यक्ष विमल अग्रवाल, सचिव अरविंद अग्रवाल, नगर आयुक्त अमित आसेरी, एडीएम सिटी विवेक चतुर्वेदी, विक्रांत गर्ग, ऋषभ गर्ग, संयम पाराशर, अन्नू बीड़ी, मीडिया प्रभारी गुंजित वार्ष्णेय, आकाश अग्रवाल, अनिल सेंगर, सीए पीयूष अग्रवाल, टीएन मित्तल, अर्जुन गोविल, राजेश गर्ग आदि ने संयुक्त रूप से रामलीला मैदान से शुरू हुई शोभायात्रा का भगवान राम-लक्ष्मण और हनुमान एवं काली माता की आरती उतारकर एवं हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। शोभायात्रा में करीब तीन दर्जन से अधिक नयनाभिराम झांकियां शामिल थीं, जो सबका मन मोह रही थीं। बैंडबाजों के साथ ढोल और नगाड़ों के साथ भक्तजन जयकारे लगाते चल रहे थे।
पुष्पवर्षा कर जोशीला स्वागत
रामलीला मैदान से शुरू हुई शोभायात्रा अचल ताल, मदार गेट, दुबे का पड़ाव, गांधीपार्क, मामू भांजा, पत्थर बाजार, बारहद्वारी, शिवपुरी, रघुवीरपुरी रोड होते हुए नुमाइश मैदान पहुंची। शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा एवं आरती उतारकर स्वागत किया गया। मामू भांजा से निकली मां काली की शोभायात्रा में लोगों ने आरती उतारी।
इस दौरान प्रसाद का भी वितरण किया गया। रावण वध के बाद कमेटी के पदाधिकारियों ने भगवान राम-लक्ष्मण और हनुमान की आरती उतार कर स्वागत किया। तत्पश्चात भगवान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ रथ पर बैठकर नगर भ्रमण पर निकल पड़े। नगर भ्रमण के दौरान नगरवासियों ने विजयी भगवान श्रीराम, अनुज लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपों का माल्यार्पण एवं आरती उतारी।
मेले में उठाया चाट-पकौड़े का आनंद
रावण मेले में दो साल बाद दर्शकों का अपार जनसैलाव उमड़ पड़ा। कोरोना संक्रमण के दो साल बाद पहला मौका था जब मेले का आयोजन हुआ। इस दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शहर के अलावा देहात क्षेत्र से बड़ी संख्या में दर्शक राम-रावण युद्ध को देखने पहुंचे थे।
नुमाइश मैदान में आयोजित मेला देखने पहुंचे लोगों ने चाट-पकौड़ी का भी आनंद लिया। खासकर महिलाएं इन दुकानों पर दिखाई दीं। उधर, बच्चे खेल, खिलौने और मिठाइयों की दुकानों पर नजर आये। शाम के समय जलेबी, समौसे आदि की भी खासी बिक्री रही।
अपार्टमेंट एवं गली-मोहल्लों में भी हुए आयोजन
शहर के तमाम अपार्टमेंट के अलावा गेट बंद कॉलोनी, गली, मुहल्लों में विजयदशमी पर्व मनाया गया। बच्चों ने रावण के पुतलों का दहन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। देहात क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर मेला आयोजन के साथ ही रावण के पुतले का दहन किया गया।
गुब्बारे से बने रावण के पुतले का किया दहन
शहर के एक निजी अस्पताल के परिसर में दशहरे के उपलक्ष्य में गुब्बारे से बने रावण के पुतले का दहन किया गया। यहां लाजेश कुमारी, सुमित सर्राफ, आकांक्षा सर्राफ, शिखा गुप्ता, कोमल वर्मा आदि मौजूद रहे। सिविल लाइंस क्षेत्र के भमोला में चल रही आदर्श रामलीला महोत्सव में रावण के पुतले का दहन किया गया। मेले में मां काली की शोभायात्रा निकाली गई। आयोजन में शिशुपाल, रवि, इंजी. नरेश राजपूत, विक्रम सिंह, डालचंद्र, इंजी. मनोज राजपूत, डॉ. विवेक लोधी आदि का सहयोग रहा।