बरात चढ़ने के बाद टॉमी और जैली के गले में फूलमाला पहनाकर, वर-वधू पक्षों ने दोनों को आशीर्वाद दिया। जिसके बाद दोनों को देशी घी से बने व्यंजन परोसे गए और दोनों ने बड़े स्वाद से भोजन किया। आचार्य जितेंद्र शर्मा ने मंत्रोच्चारण के साथ टॉमी और जैली की शादी की रस्म कराईं। वर-वधू बने दोनों डॉगी ने सात फेरे लेकर एक दूसरे को अंगीकार किया। महिलाओं ने बधाईयां गाईं। जिसके बाद विदाई की रस्म अदा की गई। जैली के पक्ष के लोगों की आंखें नम हो गईं।
देशी घी की हुई दावत
घराती और बरातियों के लिए हलवाई आस मोहम्मद ने देशी घी में पूड़ी, आलू की सब्जी, काशीफल की सब्जी, हलवा और रायता बनाया। शादी में सभी ने स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया। गांव के श्वानों को भी अलग से देशी घी में बनी दावत खिलाई गई।
एक साल बाद मनेगी शादी की सालगिरह
सुखरावली के पूर्व प्रधान दिनेश चौधरी ने इस दौरान एक साल बाद अगली मकर संक्रांति पर टॉमी और जैली के शादी की सालगिरह धूमधाम से मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सालगिरह पर आस-पास के गांव के श्वानों को दूध पिलाया जाएगा और केक कटवाया जाएगा।