इस तरह की जाती है डॉग बाइट की ग्रेडिंग
डॉक्टरों के मुताबिक, थोड़ा सा खरोंच पैर में होता है, उसे माइल्ड कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे में उन्हें एंटी रेबीज का इंजेक्शन दिया जाता है। अगर कुत्ते हाथ या छाती के ऊपर चेहरे पर एक से ज्यादा बार काटता है। ऐसे में उन्हें रेबीज हीमोग्लोबिन इंजेक्शन देने की आवश्यकता पड़ती है, जो कि हाई पावर इंजेक्शन होते हैं। रेबीज के दोनों इंजेक्शन इन दिनों अस्पतालों में उपलब्ध हैं।
कब लगवा सकते हैं टीका
0 दिन, 1 दिन, 7 दिन, 14 दिन, 28 दिन।
कुत्ते के काटने के बाद टीका लगवाना जरूरी
जो कुत्ता पहले से चार पांच लोगों को काट चुका हो या लोगों को लगातार काट रहा हो तो यह बताता है कि कुत्ते में रेबीज के लक्षण हैं। इसको नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए और तत्काल अस्पताल जाकर इंजेक्शन लगवाना चाहिए। क्योंकि एक बार रेबिज हो गया तो उसका इलाज मुश्किल हो जाता है। यह 100 फीसदी जानलेवा बीमारी है। इसलिए टीकाकरण कुत्ता काटने के बाद कराना बहुत ही आवश्यक है।