राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरमएपीयू) ने प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर कानून-कायदे तय कर दिए हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए दो-दो अंक पत्र तैयार होंगे। एक अंक पत्र महाविद्यालय में ही सुरक्षित रखा जाएगा।
प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक केवल ऑनलाइन प्रक्रिया से उसी दिन स्वीकार होंगे, जिस दिन परीक्षा होगी। इसके बाद अंक स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अंक अपलोड करने के साथ प्रयोगात्मक परीक्षा के ग्रुप फोटो महाविद्यालय को विवि की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। सभी महाविद्यालयों को प्रयोगात्मक परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रखनी होगी, जरूरत पड़ने पर उसे विवि को उपलब्ध कराई जाएंगी। 100-100 विद्यार्थियों के समूह में परीक्षा ली जाएगी। 80 फीसदी या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिकाओं के सील पैकेट अलग से विवि मांग सकता है। इस संबंध में विवि के कुलसचिव महेश कुमार ने बताया कि 28 जुलाई से पांच अगस्त तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं होनी हैं। इसके अंक महाविद्यालय के लॉगिन से वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।
आठ महाविद्यालयों के बनेंगे परीक्षक
विवि ने निर्णय लिया है कि एक परीक्षक द्वारा आंतरिक व बाहृय परीक्षक के रूप में अधिकतम 8 महाविद्यालयों में ही प्रयोगात्मक परीक्षा संपन्न कराएंगे। इनमें से दो अनुदानित/राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा लिया जाना आवश्यक है।