महानगर में शनिवार को हुई प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) और मुख्यमंत्री का कार्यक्रम की वजह से हुए रूट डायवर्जन के कारण शहर के प्रमुख मार्गों में दिन भर जाम लगा रहा। इसके चलते अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शहरवासी भी व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन को कोसते रहे। उन्हें धूप में परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जूझते रहे। परीक्षा के बाद रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी अभ्यर्थियों की भीड़ रही।
पीईटी के लिए शहर में 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां दोनों पालियों में 36 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत थे। अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के कारण परीक्षा केंद्रों के बाहर सड़क और आसपास भीड़ रही। सुबह की पाली की परीक्षा दोपहर 12 बजे खत्म हुई।
परीक्षा छूटने के बाद शहर के रामघाट रोड, मीनाक्षी पुल, दुबे का पड़ाव, अचल ताल, नौरंगाबाद पुल, एटा चुंगी, आगरा रोड, सासनीगेट चौराहा, रसलगंज, क्वार्सी चौराहा समेत विभिन्न मार्गों पर जाम लग गया। यहां पर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इसी दौरान कुछ ऑटो व ई-रिक्शा वालों ने संकरी गलियों का रुख कर लिया, जिससे इन गलियों में भी आवागमन ठप सा हो गया। यही हाल, दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने के पहले और छूटने के बाद भी दिखाई दिए।
उधर, इस जाम के चलते ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी दिन भर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने में कड़ी मशक्कत करते रहे। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के आसपास भी अभ्यर्थियों की भीड़ के कारण जाम के हालात बने रहे। एसपी यातायात मुकेश कुमार उत्तम ने बताया कि अचानक वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम के हालात पैदा हुए थे, जिसे नियंत्रित करने में यातायात पुलिस कर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।