जिले के टप्पल ब्लॉक के गांव सालपुर एवं हजियापुर में प्रतिबंध के बाद भी तीन किसानों के पराली जलाने पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए तीनों किसानों पर ढाई-ढाई हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे पराली एवं अन्य फसलों के अवशेष को जलाए नहीं, बल्कि उनका रासायनिक एवं तकनीकी विधि से उचित प्रबंधन करते हुए पर्यावरण संरक्षण के साथ ही कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाकर आगामी फसलों में लाभ उठाएं ।
डीएम ने कहा है कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण नई दिल्ली द्वारा जारी गाइडलाइन का कड़ाई से अनुपालन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक टप्पल के गांव सालपुर एवं हजियापुर में तीन किसान ओमपाल, खगेंद्र सिंह एवं मोहन सिंह द्वारा पराली जलाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उन पर 2500 -2500 रुपये का आर्थिक दंड लगाते हुए वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
उप निदेशक कृषि यशराज सिंह ने बताया है कि एनजीटी द्वारा पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। पराली जलाने के लिए किसानों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है । इसके लिए पराली प्रबंधन के बारे में गांव-गांव में गोष्ठियों का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फसल के अवशेष को खेत में जलाने से जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जा रही है, वहीं पर मिट्टी में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवाणु भी जलकर नष्ट हो जाते हैं।
इसका आगामी फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। उपनिदेशक कृषि ने बताया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने फसल अवशेष जलाने पर खेत के क्षेत्रफल के मुताबिक कम से कम 2500 रुपये प्रति किसान अर्थदंड लगाए जाने के निर्देश दिए हैं।